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पेड़ों को काटने के मामले की जांच को टीम गठित
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:18 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। चौबाटी के पास सड़क निर्माण के नाम पर कई पेड़ों को काटने के मामले की जांच के लिए एसडीएम विवेक प्रकाश ने टीम गठित कर दी है और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। ग्रामीणों ने एसडीएम को जानकारी दी है कि कटे हुए पेड़ों की संख्या काफी हो सकती है।
एसडीएम ने बताया कि तहसीलदार अर्जुन लाल टम्टा और वन रेंजर राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम यह पता लगाएगी कि सड़क निर्माण कौन लोग कर रहे थे। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। सड़कों को मंजूरी शासन से मिलती है। मंजूरी मिलने के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। तब जाकर काफी मशक्कत के बाद सड़क निर्माण शुरू हो पाता है।
इधर, जानकारी मिली है कि सड़क का निर्माण कुछ गांवों के लोग कर रहे थे। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए सरकार से मांग की थी, जब सड़क की मंजूरी नहीं हुई तो लोगों ने आपस में धन एकत्र कर खुद ही सड़क बनाने का फैसला ले लिया, लेकिन जंगल से सड़क बनाते समय विधिवत अनुमति लेने की ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं थी। अब इस तरह का कदम उठाने वाले गांव के लोग खुद ही संकट में घिर गए हैं। प्रशासन के सख्त रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले में कार्रवाई जरूर होगी।
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एसडीएम ने बताया कि तहसीलदार अर्जुन लाल टम्टा और वन रेंजर राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम यह पता लगाएगी कि सड़क निर्माण कौन लोग कर रहे थे। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। सड़कों को मंजूरी शासन से मिलती है। मंजूरी मिलने के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। तब जाकर काफी मशक्कत के बाद सड़क निर्माण शुरू हो पाता है।
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इधर, जानकारी मिली है कि सड़क का निर्माण कुछ गांवों के लोग कर रहे थे। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए सरकार से मांग की थी, जब सड़क की मंजूरी नहीं हुई तो लोगों ने आपस में धन एकत्र कर खुद ही सड़क बनाने का फैसला ले लिया, लेकिन जंगल से सड़क बनाते समय विधिवत अनुमति लेने की ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं थी। अब इस तरह का कदम उठाने वाले गांव के लोग खुद ही संकट में घिर गए हैं। प्रशासन के सख्त रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले में कार्रवाई जरूर होगी।
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