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गुपचुप जारी कर दिए 50 लाख के टेंडर
Updated Thu, 10 May 2018 10:52 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड पेयजल निगम ने दैवी आपदा के तहत स्वीकृत 50 लाख से अधिक के कार्यों के टेंडर गुपचुप करा दिए हैं। मामला उजागर होने के बाद भाजपा इसके विरोध में आ गई है। भाजपा ने अधिकारियों को विशेष ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री से पूरे मामले की शिकायत भी कर दी है।
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष लोकेष भड़ ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि उत्तराखंड पेयजल निगम की डीडीहाट शाखा में आपदा के तहत 18 कार्यों को स्वीकृति मिली है, लिहाजा इन कार्यों को शासनादेश के तहत किसी भी दैनिक अखबार में प्रकाशित करना अनिवार्य है। आरोप लगाया कि विभाग ने 50 लाख से अधिक के आपदा से स्वीकृत कार्यों को बिना किसी अखबार में प्रकाशन के टेंडर करा दिए।
बृहस्पतिवार को टेंडर बेचे गए। दोपहर तीन बजे तक टेंडर जमा करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। भड़ का आरोप है कि पूरे मामले में विभाग के अधिकारियों की ठेकेदारों के साथ मिलीभगत है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया की जांच और पारदर्शी तरीके से टेंडर जारी करने की मांग की है। इस मामले में जल निगम के सहायक अभियंता शिवम द्विवेदी का कहना है कि तीन लाख से कम के कार्यों को बिना अखबार में प्रकाशन के टेंडर के माध्यम से कराया जा सकता है। बहरहाल, नियमानुसार प्रक्रिया कराई जा रही है।
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भाजपा के जिला उपाध्यक्ष लोकेष भड़ ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि उत्तराखंड पेयजल निगम की डीडीहाट शाखा में आपदा के तहत 18 कार्यों को स्वीकृति मिली है, लिहाजा इन कार्यों को शासनादेश के तहत किसी भी दैनिक अखबार में प्रकाशित करना अनिवार्य है। आरोप लगाया कि विभाग ने 50 लाख से अधिक के आपदा से स्वीकृत कार्यों को बिना किसी अखबार में प्रकाशन के टेंडर करा दिए।
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बृहस्पतिवार को टेंडर बेचे गए। दोपहर तीन बजे तक टेंडर जमा करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। भड़ का आरोप है कि पूरे मामले में विभाग के अधिकारियों की ठेकेदारों के साथ मिलीभगत है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया की जांच और पारदर्शी तरीके से टेंडर जारी करने की मांग की है। इस मामले में जल निगम के सहायक अभियंता शिवम द्विवेदी का कहना है कि तीन लाख से कम के कार्यों को बिना अखबार में प्रकाशन के टेंडर के माध्यम से कराया जा सकता है। बहरहाल, नियमानुसार प्रक्रिया कराई जा रही है।
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