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अनशनकारी युवक की हालत बिगड़ी
Updated Sat, 06 Jan 2018 10:38 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला के रांथी गांव निवासी युवक बलवंत सिंह बोरा का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। उसकी हालत बिगड़ने लगी है। डॉक्टरों की टीम ने शनिवार को उसके स्वास्थ्य की जांच की। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही उसे अनशन से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा देगा। उधर, रांथी गांव के अन्य लोग आमरण अनशन पर बैठने के लिए तैयार हैं। रांथी गांव की प्रशासन और सरकार के स्तर पर की जा रही उपेक्षा के खिलाफ तीन जनवरी से यह आमरण अनशन चल रहा है।
अनशन पर बैठे बोरा ने कहा कि इस तरह के हालातों को पैदा करने के लिए प्रशासन खुद जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि गांव की कोई भी ऐसी समस्या नहीं है जो प्रशासन के स्तर से हल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, शौचालयों का निर्माण, आवास से वंचित लोगों को आवास दिलाने, डाकघर को गांव के मध्य में खोलने समेत अन्य मांगों को लेकर लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि गांव के लोग आंदोलन करने के लिए 100 किलोमीटर दूर आ चुके हैं। समस्या का समाधान होने तक वापस नहीं लौटेंगे। बोरा के साथ शनिवार को भी धरने पर कल्याण सिंह बोरा, सचिन सिंह, देवेंद्र धामी, राजेश सिंह, महेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह बोरा, वीर सिंह बोरा आदि बैठे।
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अनशन पर बैठे बोरा ने कहा कि इस तरह के हालातों को पैदा करने के लिए प्रशासन खुद जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि गांव की कोई भी ऐसी समस्या नहीं है जो प्रशासन के स्तर से हल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, शौचालयों का निर्माण, आवास से वंचित लोगों को आवास दिलाने, डाकघर को गांव के मध्य में खोलने समेत अन्य मांगों को लेकर लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
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उन्होंने कहा कि गांव के लोग आंदोलन करने के लिए 100 किलोमीटर दूर आ चुके हैं। समस्या का समाधान होने तक वापस नहीं लौटेंगे। बोरा के साथ शनिवार को भी धरने पर कल्याण सिंह बोरा, सचिन सिंह, देवेंद्र धामी, राजेश सिंह, महेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह बोरा, वीर सिंह बोरा आदि बैठे।
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