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दुम्मर गांव में पांच से शुरू होगी हरि प्रदर्शनी
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:58 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। स्वाधीनता सेनानी स्व. हरि सिंह जंगपांगी की याद में पांच नवंबर से मल्ला दुम्मर गांव में तीन दिनी हरि प्रदर्शनी शुरू होगी। श्री हरि स्मारक समिति इसका आयोजन करेगी।
हरि स्मारक समिति के अध्यक्ष ललित जंगपांगी ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान प्रभात फेरी, झंडारोहण, वॉलीबाल प्रतियोगिता, अन्य खेलकूद, पेंटिंग, निबंध, सामान्य ज्ञान, स्वच्छ भारत अभियान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर वाद विवाद, ढुस्का चांचरी, स्थानीय वाद्य यंत्र प्रतियोगिता, लघु कुटीर उद्योग, ग्रामीण पर्यटन, कृषि बागवानी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ भारत, प्रदूषण नियंत्रण, जड़ी बूटी उत्पादन पर कार्यक्रम होंगे। बैंकों की ओर से वित्तीय साक्षरता, कैशलेस व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। जोहार की वेशभूषा पर प्रतियोगिता विशेष आकर्षण रहेगी। संस्कृति विभाग के कलाकार शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे।
स्वाधीनता सेनानी स्व. हरि सिंह जंगपांगी का जन्म 20 जून 1898 में मल्ला जोहार के बुर्फू गांव में स्व. जीवन जंगपांगी के घर हुआ था। 1935 में राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद वह भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ गए। 16 फरवरी 1941 को अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें सत्याग्रह के आरोप में एक साल का कारावास और 100 रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया तथा अल्मोड़ा जेल भेजा गया।
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वह 4 मार्च 1941 तक अल्मोड़ा जेल में रहे। उसके बाद उन्हें बरेली और लखनऊ जेल भेजा गया। 28 सितंबर 1942 को उन्हें एक बार फिर बांसबगड़ में हो रही सभा के दौरान गिरफ्तार किया गया। वह 26 जून 1944 तक जेल में रहे।
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हरि स्मारक समिति के अध्यक्ष ललित जंगपांगी ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान प्रभात फेरी, झंडारोहण, वॉलीबाल प्रतियोगिता, अन्य खेलकूद, पेंटिंग, निबंध, सामान्य ज्ञान, स्वच्छ भारत अभियान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर वाद विवाद, ढुस्का चांचरी, स्थानीय वाद्य यंत्र प्रतियोगिता, लघु कुटीर उद्योग, ग्रामीण पर्यटन, कृषि बागवानी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ भारत, प्रदूषण नियंत्रण, जड़ी बूटी उत्पादन पर कार्यक्रम होंगे। बैंकों की ओर से वित्तीय साक्षरता, कैशलेस व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। जोहार की वेशभूषा पर प्रतियोगिता विशेष आकर्षण रहेगी। संस्कृति विभाग के कलाकार शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे।
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स्वाधीनता सेनानी स्व. हरि सिंह जंगपांगी का जन्म 20 जून 1898 में मल्ला जोहार के बुर्फू गांव में स्व. जीवन जंगपांगी के घर हुआ था। 1935 में राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद वह भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ गए। 16 फरवरी 1941 को अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें सत्याग्रह के आरोप में एक साल का कारावास और 100 रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया तथा अल्मोड़ा जेल भेजा गया।
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वह 4 मार्च 1941 तक अल्मोड़ा जेल में रहे। उसके बाद उन्हें बरेली और लखनऊ जेल भेजा गया। 28 सितंबर 1942 को उन्हें एक बार फिर बांसबगड़ में हो रही सभा के दौरान गिरफ्तार किया गया। वह 26 जून 1944 तक जेल में रहे।