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सड़क नहीं बनने पर चुनाव बहिष्कार करेंगे काणाधार के ग्रामीण
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पिथौरागढ़। एक दशक पूर्व छड़नदेव से काणाधार के लिए स्वीकृत सड़क नहीं बन सकी है। ग्रामीणों को आठ किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर गांव पहुंचना पड़ता है।
लगातार मिल रहे आश्वासनों से नाराज ग्रामीणों ने लोक सभा चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सड़क निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। कृपाल दत्त, जगत सिंह, प्रयाग दत्त, डिगर देव, उदय राम, मोती राम, पुष्कर जोशी आदि ग्रामीणों ने कहा कि काणाधार, मलान, गैरगाड़ा, नारंगी गांवों के लिए आज तक यातायात सुविधा नहीं है।
छड़नदेव जाने या वापस घर लौटने के लिए आठ किमी पैदल चलना पड़ता है। गांव का पैदल रास्ता भी बेहद खराब है। किसी ग्रामीण के बीमार होने पर डोली में छड़नदेव तक ले जाना पड़ता है। गंभीर बीमार लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग करने के बाद भी उपेक्षा की जा रही है। यदि सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो लोक सभा चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
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लगातार मिल रहे आश्वासनों से नाराज ग्रामीणों ने लोक सभा चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सड़क निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। कृपाल दत्त, जगत सिंह, प्रयाग दत्त, डिगर देव, उदय राम, मोती राम, पुष्कर जोशी आदि ग्रामीणों ने कहा कि काणाधार, मलान, गैरगाड़ा, नारंगी गांवों के लिए आज तक यातायात सुविधा नहीं है।
छड़नदेव जाने या वापस घर लौटने के लिए आठ किमी पैदल चलना पड़ता है। गांव का पैदल रास्ता भी बेहद खराब है। किसी ग्रामीण के बीमार होने पर डोली में छड़नदेव तक ले जाना पड़ता है। गंभीर बीमार लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग करने के बाद भी उपेक्षा की जा रही है। यदि सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो लोक सभा चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
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