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कैलाश यात्रा संपन्न होने तक लगे रहेंगे वायरलेस सेट
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:04 PM IST
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पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मालपा, नजंग, बूंदी और गुंजी में लगाए गए वायरलेस सेट कैलाश यात्रा संपन्न होने तक लगे रहेंगे। इस समय 17वां और 18वां दल तिब्बत में हैं। अंतिम दल की वापसी के साथ ही वायरलेस सेट हटा दिए जाएंगे। इस बीच मालपा और मांगती में मलबे में दबे लोगों की खोजबीन में लगे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ को वापस बुला लिया गया है। शुक्रवार से मालपा और मांगती में दबे लोगों की खोजबीन का काम बंद हो गया है।
डीएम सी रविशंकर ने बताया कि 13 अगस्त की देर रात हुई आपदा की घटना के तुरंत बाद मलबे में दबे लोगों की खोजबीन शुरू कर दी गई थी। 21 अगस्त के बाद प्रभावित क्षेत्र से कोई शव नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि इस हादसे के बाद 23 लोग लापता हैं। उनके महाकाली में बहने की आशंका को देखते हुए फिलहाल संबंधित थानों को निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मालपा, मांगती में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने अब तक जो भी अभियान चलाया, उसकी विस्तृत रिपोर्ट, फोटो, वीडियो और सुझाव प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि खोजबीन का अभियान बंद करने की जानकारी प्रदेश के मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन सचिव को दे दी गई है। मालपा में इस समय सन्नाटा है। अलबत्ता मांगती में सेना के ट्रांजिट कैंप में जवान तैनात हैं और वहां पर सुरक्षित बची दुकानों में लोग अपना व्यवसाय कर रहे हैं।
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डीएम ने बताया कि मालपा तक पैदल रास्ते के निर्माण का कार्य जारी है, ताकि लोगों को कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि 10 दिन में पैदल रास्ते दुरुस्त हो जाएंगे। उच्च हिमालयी गांवों में रहने वाले लोग अक्तूबर से घाटियों को उतरना शुरू हो जाते हैं। तब तक रास्तों की मरम्मत हो जाएगी।
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डीएम सी रविशंकर ने बताया कि 13 अगस्त की देर रात हुई आपदा की घटना के तुरंत बाद मलबे में दबे लोगों की खोजबीन शुरू कर दी गई थी। 21 अगस्त के बाद प्रभावित क्षेत्र से कोई शव नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि इस हादसे के बाद 23 लोग लापता हैं। उनके महाकाली में बहने की आशंका को देखते हुए फिलहाल संबंधित थानों को निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि मालपा, मांगती में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने अब तक जो भी अभियान चलाया, उसकी विस्तृत रिपोर्ट, फोटो, वीडियो और सुझाव प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि खोजबीन का अभियान बंद करने की जानकारी प्रदेश के मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन सचिव को दे दी गई है। मालपा में इस समय सन्नाटा है। अलबत्ता मांगती में सेना के ट्रांजिट कैंप में जवान तैनात हैं और वहां पर सुरक्षित बची दुकानों में लोग अपना व्यवसाय कर रहे हैं।
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डीएम ने बताया कि मालपा तक पैदल रास्ते के निर्माण का कार्य जारी है, ताकि लोगों को कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि 10 दिन में पैदल रास्ते दुरुस्त हो जाएंगे। उच्च हिमालयी गांवों में रहने वाले लोग अक्तूबर से घाटियों को उतरना शुरू हो जाते हैं। तब तक रास्तों की मरम्मत हो जाएगी।