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आपदा प्रभावित ने दी आत्मदाह की चेतावनी
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। विकास खंड के ग्राम पंचायत स्यूंबन बचकोट निवासी हरीश चंद्र जोशी का तिमंजिला मकान 2007 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही जमीन और आंगन भी आपदा की भेंट चढ़ गई। पिछले 12 वर्षों से प्रभावित परिवार विकास खंड, जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक से गुहार लगा चुका है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अब प्रभावित ने एक माह के भीतर मुआवजा नहीं मिलने पर कलक्ट्रेट में आत्मदाह की चेतावनी दी है।
पीड़ित हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि 2007 में उनका मकान, 21 नाली जमीन और आंगन आपदा की भेंट चढ़ गए। मकान की दीवारें कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई। भविष्य में किसी अनहोनी की आशंका के चलते उनके बड़े भाई ने घर छोड़ दिया।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उनका आठ सदस्यीय परिवार उसी मकान में रहने को विवश हैं। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त मकान, जमीन का सर्वे कराने के लिए उन्होंने कई बार अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि माह भर के भीतर उनको मुआवजा नहीं दिलाया गया तो वो परिवार के साथ आत्मदाह करने को विवश होंगे।
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पीड़ित हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि 2007 में उनका मकान, 21 नाली जमीन और आंगन आपदा की भेंट चढ़ गए। मकान की दीवारें कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई। भविष्य में किसी अनहोनी की आशंका के चलते उनके बड़े भाई ने घर छोड़ दिया।
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आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उनका आठ सदस्यीय परिवार उसी मकान में रहने को विवश हैं। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त मकान, जमीन का सर्वे कराने के लिए उन्होंने कई बार अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि माह भर के भीतर उनको मुआवजा नहीं दिलाया गया तो वो परिवार के साथ आत्मदाह करने को विवश होंगे।
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