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सबसे लंबी दूरी का पड़ाव होगा बूंदी
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:45 AM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रा में पहला पड़ाव बूंदी होगा, जो सबसे लंबा पड़ाव होगा। यात्री धारचूला से गर्बाधार तक 40 किमी का सफर वाहन से तय करने के बाद गर्बाधार से बूंदी तक 17 किमी का पैदल सफर करेंगे।
दूसरे दिन बूंदी से गर्ब्यांग, नपलच्यू होकर 17 किमी पैदल यात्रा कर गुंजी कैंप में दूसरा पड़ाव होगा। इस बार पहली बार गुंजी से नाभी गांव में एक अतिरिक्त पड़ाव रखा गया है। जहां कैलास यात्रा के इतिहास में पहली बार यात्री नाभी गांव में होम स्टे करेंगे। दूसरे दिन यात्री पुन: गुंजी लौटेंगे, जहां उनका मेडिकल होगा। पांचवें दिन यात्री यात्री कालापानी पड़ाव में रुकेंगे। अगले दिन नाभीढांग में पड़ाव होगा, जहां पर कैलाश यात्री विश्व प्रसिद्ध ओम पर्वत के दर्शन करेंगे। उसके अगले दिन यात्री भारतीय सीमा लीपू पास पार कर चीन में प्रवेश करेंगे। कैलास यात्री इस बार नारायण आश्रम के दर्शन नहीं कर पाएंगे। नए रूट के अनुसार यात्री अब नारायण आश्रम होते हुए सिर्खा पड़ाव में नहीं रुकेंगे, जिस कारण विश्व प्रसिद्ध नारायण आश्रम का विहंगम दृश्य से यात्री वंचित हो जाएंगे। अगले दिन का गाला पड़ाव भी समाप्त कर दिया गया है। इस कारण दो पारंपरिक पड़ाव खत्म हो गए हैं।
छोटा कैलाश पर पहला दल गया
छोटा कैलास यात्रा के लिए 29 सदस्यीय एडवांस दल रवाना हो गया हैं। दल में विभिन्न प्रांतों को लोग शामिल हैं। कैलास यात्रा, छोटा कैलास यात्रा से पहले इस दल के जाने से यात्रा मार्ग के हालातों का भी पता चल जाएगा। यात्राधिकारी आरसी जोशी, दीवान बिष्ट ने बताया कि इस दल को मंगलवार सुबह 4:45 पर रवाना किया गया। सभी यात्री गर्बाधार से सुबह 7:30 पर पैदल यात्रा के लिए रवाना हो गए। इस दले का प्रथम यात्री रिकॉर्ड समय पर दोपहर 12 बजे बूंदी पड़ाव में पहुंच गया। हालांकि बाकी यात्री शाम को छह बजे तक ही बूंदी पहुंच पाए।
दूसरे दिन बूंदी से गर्ब्यांग, नपलच्यू होकर 17 किमी पैदल यात्रा कर गुंजी कैंप में दूसरा पड़ाव होगा। इस बार पहली बार गुंजी से नाभी गांव में एक अतिरिक्त पड़ाव रखा गया है। जहां कैलास यात्रा के इतिहास में पहली बार यात्री नाभी गांव में होम स्टे करेंगे। दूसरे दिन यात्री पुन: गुंजी लौटेंगे, जहां उनका मेडिकल होगा। पांचवें दिन यात्री यात्री कालापानी पड़ाव में रुकेंगे। अगले दिन नाभीढांग में पड़ाव होगा, जहां पर कैलाश यात्री विश्व प्रसिद्ध ओम पर्वत के दर्शन करेंगे। उसके अगले दिन यात्री भारतीय सीमा लीपू पास पार कर चीन में प्रवेश करेंगे। कैलास यात्री इस बार नारायण आश्रम के दर्शन नहीं कर पाएंगे। नए रूट के अनुसार यात्री अब नारायण आश्रम होते हुए सिर्खा पड़ाव में नहीं रुकेंगे, जिस कारण विश्व प्रसिद्ध नारायण आश्रम का विहंगम दृश्य से यात्री वंचित हो जाएंगे। अगले दिन का गाला पड़ाव भी समाप्त कर दिया गया है। इस कारण दो पारंपरिक पड़ाव खत्म हो गए हैं।
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छोटा कैलाश पर पहला दल गया
छोटा कैलास यात्रा के लिए 29 सदस्यीय एडवांस दल रवाना हो गया हैं। दल में विभिन्न प्रांतों को लोग शामिल हैं। कैलास यात्रा, छोटा कैलास यात्रा से पहले इस दल के जाने से यात्रा मार्ग के हालातों का भी पता चल जाएगा। यात्राधिकारी आरसी जोशी, दीवान बिष्ट ने बताया कि इस दल को मंगलवार सुबह 4:45 पर रवाना किया गया। सभी यात्री गर्बाधार से सुबह 7:30 पर पैदल यात्रा के लिए रवाना हो गए। इस दले का प्रथम यात्री रिकॉर्ड समय पर दोपहर 12 बजे बूंदी पड़ाव में पहुंच गया। हालांकि बाकी यात्री शाम को छह बजे तक ही बूंदी पहुंच पाए।
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