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मुक्तेश्वर मंदिर के आधिपत्य को लेकर विवाद
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। नगर के पांडेगांव स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के आधिपत्य को लेकर मंगलवार को विवाद खड़ा हो गया। बाद में पांडेगांव के लोगों ने मौके पर पहुंचकर विवाद का हल निकाल लिया। बताया गया कि इस मंदिर की पिछले सात साल से शिवगिरी माई देखरेख कर रही थीं। 19 सितंबर को उनका देहावसान हो गया, लेकिन वह यह वसीयत लिख गई कि उनकी मृत्यु के बाद मंदिर की देखरेख और संचालन रानीखेत राम मंदिर के रमेश दास महाराज करेंगे। रमेश दास महाराज मौनी बाबा के शिष्य हैं। वह लंबे समय से पांडेगांव मंदिर में आते जाते रहते हैं।
मंगलवार को जूना अखाड़ा बागेश्वर के कुछ संत अचानक मंदिर पहुंचे और मुक्तेश्वर मंदिर पर अपना अधिकार जताने लगे। इस कारण वहां पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। बाद में पांडेगांव के कई लोग रमेश दास बाबा के पक्ष में खड़े हो गए और मुक्तेश्वर मंदिर के संचालन की जिम्मेदारी भी रमेश दास महाराज को ही दे दी। पांडेगांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता विपिन पांडे ने इस मामले का समाधान निकालने में काफी कोशिश की।
पांडे ने कहा कि जूना अखाड़ा वाले मंदिर पर अपना अनावश्यक हक जता रहे हैं क्योंकि अब तक मंदिर की देखरेख कर रही शिव गिरी माई ने अपनी वसीयत में मंदिर की देखरेख का जिम्मा रमेश दास महाराज को ही दिया था। अब मंदिर की देखरेख रमेश दास ही करेंगे। बागेश्वर जूना अखाड़ा से आए संत वापस लौट गए।
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मंगलवार को जूना अखाड़ा बागेश्वर के कुछ संत अचानक मंदिर पहुंचे और मुक्तेश्वर मंदिर पर अपना अधिकार जताने लगे। इस कारण वहां पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। बाद में पांडेगांव के कई लोग रमेश दास बाबा के पक्ष में खड़े हो गए और मुक्तेश्वर मंदिर के संचालन की जिम्मेदारी भी रमेश दास महाराज को ही दे दी। पांडेगांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता विपिन पांडे ने इस मामले का समाधान निकालने में काफी कोशिश की।
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पांडे ने कहा कि जूना अखाड़ा वाले मंदिर पर अपना अनावश्यक हक जता रहे हैं क्योंकि अब तक मंदिर की देखरेख कर रही शिव गिरी माई ने अपनी वसीयत में मंदिर की देखरेख का जिम्मा रमेश दास महाराज को ही दिया था। अब मंदिर की देखरेख रमेश दास ही करेंगे। बागेश्वर जूना अखाड़ा से आए संत वापस लौट गए।
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