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हेलीकाप्टर से यात्रा संचालित होने से छिनेगी हजारों की आजीविका: टम्टा
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:48 PM IST
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पिथौरागढ़। राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने मौसम साफ होने के बावजूद कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन वायु सेना के हेलीकाप्टर से करने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार के इस गलत निर्णय से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
पिथौरागढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा कुमाऊं से संचालित होने वाली सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है। कैलाश यात्रा के दौरान सीमांत क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता रहा है। मौसम साफ होने के बावजूद यात्रा दलों को पिथौरागढ़ से सीधे गुंजी के लिए एयरलिफ्ट करने की योजना बना दी। उन्होंने कहा कि यात्रा का संचालन करने वाले केएमवीएन को तो इसका असर पड़ेगा ही हजारों पोनी-पोटर्स सहित प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा कौन का आपातकाल आ गया था जो सरकार ने परंपरागत रूट बदलकर वायु सेना के हेलीकाप्टर से इस धार्मिक यात्रा को संचालित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का यह निर्णय ठीक नहीं है। व्यापारी, स्थानीय लोग सामान्य रूप से आवाजाही कर रहे हैं। मौसम अनुकूल होने की स्थिति में सरकार को पैदल रूट से ही कैलाश यात्रा संचालित करनी चाहिए।
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पिथौरागढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा कुमाऊं से संचालित होने वाली सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है। कैलाश यात्रा के दौरान सीमांत क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता रहा है। मौसम साफ होने के बावजूद यात्रा दलों को पिथौरागढ़ से सीधे गुंजी के लिए एयरलिफ्ट करने की योजना बना दी। उन्होंने कहा कि यात्रा का संचालन करने वाले केएमवीएन को तो इसका असर पड़ेगा ही हजारों पोनी-पोटर्स सहित प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
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उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा कौन का आपातकाल आ गया था जो सरकार ने परंपरागत रूट बदलकर वायु सेना के हेलीकाप्टर से इस धार्मिक यात्रा को संचालित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का यह निर्णय ठीक नहीं है। व्यापारी, स्थानीय लोग सामान्य रूप से आवाजाही कर रहे हैं। मौसम अनुकूल होने की स्थिति में सरकार को पैदल रूट से ही कैलाश यात्रा संचालित करनी चाहिए।
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