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झूलाघाट के दोनों शौचालय कई माह से बंद
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:09 PM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। झूलाघाट कस्बे के दो सार्वजनिक शौचालय विगत कई माह से बंद पड़े है। इस कारण लोग महाकाली नदी के किनारे ही शौच के लिए जाते हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर बसे झूलाघाट कस्बे में प्रतिदिन सैकड़ों लोग घूमने आते हैं, लेकिन यहां बने दो सुलभ शौचालयों के बंद पड़े होने से इन लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। पर्यटकों, मजदूरों, महिलाओं, बच्चों को खेतों और महाकाली नदी के किनारे शौच के लिए जाना पड़ता है। पांच वर्ष पहले रोडवेज स्टेशन के पास जिला पंचायत निधि से सुलभ शौचालय बनाया गया। शुरू में शौचालय का संचालन सही हुआ, लेकिन ग्राम सभा के अधीन होने के कारण शौचालय के पानी का बिल जमा नहीं हुआ तो कनेक्शन कट गया।
शौचालय को ताला लगाकर बंद कर दिया गया। दूसरा शौचालय झूलापुल के पास बना है, इसे तीन वर्ष पहले पर्यटन विभाग की ओर से बनाया गया था, लेकिन पानी और उचित रखरखाव न होने से इसमें भी ताला लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता शंकर खड़ायत का कहना है कि एक ओर हम सरकार से शौचालय बनाने की मांग करते हैं, दूसरी ओर हम ही शौचालयों की देखरेख नहीं करते।
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भारत-नेपाल सीमा पर बसे झूलाघाट कस्बे में प्रतिदिन सैकड़ों लोग घूमने आते हैं, लेकिन यहां बने दो सुलभ शौचालयों के बंद पड़े होने से इन लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। पर्यटकों, मजदूरों, महिलाओं, बच्चों को खेतों और महाकाली नदी के किनारे शौच के लिए जाना पड़ता है। पांच वर्ष पहले रोडवेज स्टेशन के पास जिला पंचायत निधि से सुलभ शौचालय बनाया गया। शुरू में शौचालय का संचालन सही हुआ, लेकिन ग्राम सभा के अधीन होने के कारण शौचालय के पानी का बिल जमा नहीं हुआ तो कनेक्शन कट गया।
शौचालय को ताला लगाकर बंद कर दिया गया। दूसरा शौचालय झूलापुल के पास बना है, इसे तीन वर्ष पहले पर्यटन विभाग की ओर से बनाया गया था, लेकिन पानी और उचित रखरखाव न होने से इसमें भी ताला लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता शंकर खड़ायत का कहना है कि एक ओर हम सरकार से शौचालय बनाने की मांग करते हैं, दूसरी ओर हम ही शौचालयों की देखरेख नहीं करते।
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