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मुंह उठाया और चल दिए केदारनाथ, अब नहीं चलेगा
अमर उजाला, अजित सिंह राठी, देहरादून
Updated Sun, 01 Sep 2013 10:43 AM IST
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अब भगवान के दर पर आप कभी भी मुंह उठा कर नहीं जा सकते, इसके लिए भी आपको एडियां रगडनी पड़ सकती हैं। प्रशासन ने केदारनाथ जाने पर रोक लगा दी है, हालांकि कुछ शर्तों को पूरा कर आप केदारनाथ जा सकते हैं।
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केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना शुरू करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन जिसे पास जारी करेगा वही व्यक्ति केदारनाथ तक पहुंच सकेगा।
पूजा में भाग लेना कठिन
इसलिए प्रशासन से मंजूरी लेकर ही कोई व्यक्ति केदारनाथ में होने वाली पूजा में भाग ले सकेगा। ऐहतियातन यह फैसला लिया गया है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने रविवार को सचिवालय में सुबह 11 बजे मंदिर समिति की बैठक बुलाई है। ताकि तैयारियों की समीक्षा की जा सके।
गुप्तकाशी से मिलेगा पास
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग दिलीप जावलकर ने इस बाबत व्यवस्था बना दी है। फिलहाल केदारनाथ जाने वालों को गुप्तकाशी से पास लेने होंगे। यहां पर पास एसडीएम जारी करेगा। इसकी पुष्टि जिलाधिकारी ने की है।
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शासन ने डीएम रुद्रप्रयाग को केदारनाथ में अस्थाई आवास बनाने जाने के लिए भेजी जाने वाली प्री-फेब्रिकेटेड हट सामग्री, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग निर्माण की प्रगति रिपोर्ट भेजने को कहा है।
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धाम तक पैदल मार्ग
डीएम ने बताया कि सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग आवागमन के लिए तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। रामबाड़ा में निर्माणाधीन अस्थाई पुल पीडब्लूडी बनाएगा।
एडिशनल एसपी नवनीत सिंह को सोनप्रयाग में पुलिस पोस्ट बनाने के निर्देश दिए। इस बार केदारनाथ धाम में बिना अनुमति के प्रवेश नहीं होगा। डीएम ने बताया कि केदारनाथ में मंदाकिनी नदीं पर अस्थाई बन गया है सरस्वती नदीं पर 16 मीटर स्पान पर पुल निर्माण पूरा हो चुका हैं।
इनकी भी सुनिए
पिछले दिनों हुई दैवी आपदा की घटना के बाद सावधानी बरता जाना जरूरी है। मौसम का मिजाज अभी भी हर रोज बदल रहा है। स्थानीय लोग हो या फिर बाहर से आने वाले वीआईपी, सभी को पास के लिए आवेदन करना होगा। क्योंकि अभी बहुत बड़ी संख्या में लोगों को भेजा भी नहीं जा सकता।
- दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग