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Pauri News: 22 दिसंबर को राजमार्ग पर चक्का जाम करने की चेतावनी
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पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर जल संस्थान व जल निगम में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ग्रामीण पहले भी दो बार कर चुके हैं जल संस्थान का घेराव
भरपूर पट्टी के दस से अधिक गांवों में पिछले तीन महीनों से अधिक समय से पेयजल संकट बना हुआ है। पर्याप्त रूप से पेयजल आपूर्ति न होने के कारण आक्रोशित ग्रामीणों ने जल निगम व जल संस्थान का घेराव कर प्रदर्शन किया। जिम्मेदार अधिकारियों से सकारात्मक आश्वासन न मिलने पर ग्रामीणों ने 22 दिसंबर को राजमार्ग पर चक्का जाम करने की घोषणा की।
भरपूर पट्टी के कुर्न, चिलपड,सौड, साकनी, सिमसाड़ा तल्ला, डोबरी, पाली, तोली, बछेलीखाल आदि गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने जल निगम व जल संस्थान में जमकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया। इस दौरान ग्रामीणों की जल निगम अधिकारियों से नोक झोंक भी हुई। ग्रामीणों के अनुसार इन गांवों में पिछले पांच सालों से पेयजल आपूर्ति नियमित रूप से नहीं हो रही है। आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 46 करोड़ की भरपूर पेयजल योजना की पुनर्गठन योजना में जल निगम ने कई गांवों में अधूरी लाइन बिछाई हैं व कई जगह टैंकों का निर्माण नहीं किया गया है। क्षतिग्रस्त लाइनों की समय रहते मरम्मत नहीं की जाती है, जिसके चलते पेयजल संकट बना रहता है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश चंद्र आर्य ने जल निगम व जल संस्थान पर तालमेल से काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी दो बार ग्रामीणों ने जल संस्थान का घेराव किया जा चुका है। संस्थान के अधिकारियों ने जल्द से जल्द समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जलापूर्ति का जल्द से जल्द स्थायी समाधान न होने का आश्वासन न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने 22 दिसंबर को राजमार्ग पर चक्का जाम करने की घोषणा की। प्रदर्शन में प्रधान पुष्पा रावत, शशि देवी, जगमोहन सिंह, जबर सिंह, घमण्ड सिंह, दरम्यान सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीण पहले भी दो बार कर चुके हैं जल संस्थान का घेराव
भरपूर पट्टी के दस से अधिक गांवों में पिछले तीन महीनों से अधिक समय से पेयजल संकट बना हुआ है। पर्याप्त रूप से पेयजल आपूर्ति न होने के कारण आक्रोशित ग्रामीणों ने जल निगम व जल संस्थान का घेराव कर प्रदर्शन किया। जिम्मेदार अधिकारियों से सकारात्मक आश्वासन न मिलने पर ग्रामीणों ने 22 दिसंबर को राजमार्ग पर चक्का जाम करने की घोषणा की।
भरपूर पट्टी के कुर्न, चिलपड,सौड, साकनी, सिमसाड़ा तल्ला, डोबरी, पाली, तोली, बछेलीखाल आदि गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने जल निगम व जल संस्थान में जमकर नारेबाजी करते हुए घेराव किया। इस दौरान ग्रामीणों की जल निगम अधिकारियों से नोक झोंक भी हुई। ग्रामीणों के अनुसार इन गांवों में पिछले पांच सालों से पेयजल आपूर्ति नियमित रूप से नहीं हो रही है। आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 46 करोड़ की भरपूर पेयजल योजना की पुनर्गठन योजना में जल निगम ने कई गांवों में अधूरी लाइन बिछाई हैं व कई जगह टैंकों का निर्माण नहीं किया गया है। क्षतिग्रस्त लाइनों की समय रहते मरम्मत नहीं की जाती है, जिसके चलते पेयजल संकट बना रहता है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश चंद्र आर्य ने जल निगम व जल संस्थान पर तालमेल से काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी दो बार ग्रामीणों ने जल संस्थान का घेराव किया जा चुका है। संस्थान के अधिकारियों ने जल्द से जल्द समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जलापूर्ति का जल्द से जल्द स्थायी समाधान न होने का आश्वासन न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने 22 दिसंबर को राजमार्ग पर चक्का जाम करने की घोषणा की। प्रदर्शन में प्रधान पुष्पा रावत, शशि देवी, जगमोहन सिंह, जबर सिंह, घमण्ड सिंह, दरम्यान सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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