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फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी पाने वाले सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त

Tue, 22 Dec 2020 09:44 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2020 09:44 PM IST
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The service of assistant teacher who got job on fake documents is over
शिक्षा महकमे ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त कर दी है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल महाबीर बिष्ट ने अध्यापक की सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया है। एसआईटी व विभागीय जांच में शिक्षक के बीए व एमए के शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। अपर शिक्षा निदेशालय ने सहायक अध्यापक को नोटिस भेज अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। वहीं फर्जी दस्तावेजों को लेकर थाना कीर्तिनगर में शिक्षक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
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जनपद टिहरी गढ़वाल के विकास खंड कीर्तिनगर स्थित जीआईसी राड़ागाड़ में सेवारत सहायक अध्यापक अंग्रेजी उपेंद्र सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उपेंद्र सिंह को सहायक अध्यापक अंग्रेजी के पद पर 14 मार्च 2008 को नियुक्त मिली थी। जून 2008 को राउमावि ग्वाड़टोला (वर्तमान में जीआईसी राड़ागाड) में उपेंद्र ने तैनाती दी थी। एसआईटी को उपेंद्र के शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी होने की शिकायत मिली थी। नियुक्ति के दौरान उपेंद्र सिंह ने विभाग को बीए व एमए के अंक व प्रमाणपत्र लखनऊ विवि से प्राप्त किया जाना बताया था। शिक्षा विभाग को शिक्षक के दस्तावेजों में कमी की शिकायत मिली। विभाग ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी। जांच में उनके बीए व एमए के अंक व प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। एसआईटी ने विभाग को मामले में कार्रवाई के लिए कहा, जिसके बाद 13 फरवरी 2019 को शिक्षक के खिलाफ कीर्तिनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही विभाग ने शिक्षक को निलंबित भी कर दिया। इसके बाद विभागीय स्तर पर भी उपेंद्र के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की गई।
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अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा बिष्ट ने उप शिक्षाधिकारी कीर्तिनगर को जांच अधिकारी नामित करते हुए उपेंद्र पर लगाए आरोपों की विभागीय जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिस पर उप शिक्षाधिकारी कीर्तिनगर ने मार्च 2020 को जांच आख्या प्रस्तुत की। उपशिक्षा अधिकारी ने जांच में स्पष्ट किया कि उपेंद्र के बीए व एमए के प्रमाणपत्र फर्जी हैं। अपर निदेशालय ने उपेंद्र को अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वे निर्धारित समयावधि में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। इससे पहले सहायक अध्यापक उपेेंद्र का जाति व स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी फर्जी मिले थे।
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साक्ष्य प्रस्तुत न करने से स्पष्ट हो गया है कि नियुक्ति के समय उपेंद्र द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र फर्जी व मिथ्या हैं। उपेंद्र को तत्काल प्रभाव से सेवा से निष्कासित कर दिया गया है। - महाबीर बिष्ट, अपर शिक्षा निदेशक, गढ़वाल मंडल
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