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शांति बाजार और बस्ती पर मंडराया खतरा
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देवप्रयाग नगर में अतिवृष्टि के बाद फैला मलबा।
- फोटो : SHRINAGAR
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गत माह शांता गदेरे में बादल फटने से शांति बाजार में कई दुकानें और मकान जमींदोज हो गए थे। घटना के एक माह बाद भी पालिका और प्रशासन ने दुकानों व मकानों का मलबा नहीं हटाया, जिससे बाजार सहित व लोगों के मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि बरसात से पहले यदि मलबा नहीं हटाया गया, तो बड़ी अनहोनी से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। व्यापारियों ने पालिका के ईओ को ज्ञापन सौंपकर जल्द मलबा हटाने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
गत 11 मई को दशरथ डांडा में बादल फटने से शांता गदेरे ने विकराल रूप ले लिया था। गदेरे के मलबे में शांति बाजार में कई दुकानें व भवन जमींदोज हो गए थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सहित जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे थे और लोगों को जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन एक माह बाद भी गदेरे से दुकानों व मकानों का मलबा नहीं हटाया गया। व्यापारियों का कहना है कि समय रहते गदेरे से मलबा नहीं हटाया गया, तो बरसात में गदेरा दोबारा विकराल रूप ले सकता है। इसलिए समय पर इसका उपचार किया जाए। व्यापारियों ने पालिका के अधिशासी अधिकारी का ज्ञापन सौंपकर जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में हरे कृष्ण भट्ट, दिनेश, विक्रम सिंह, जरीश खान, चांद, जेपी पंत व मोहित भट्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
वहीं, इस बाबत अधिशासी अधिकारी बीएस बिष्ट ने बताया कि शांति बाजार में संपर्क मार्ग टूटने की वजह से गदेरे का मलबा हटाना संभव नहीं था। अभी संपर्क मार्ग बन रहा है, जबकि मलबा हटाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जल्द मलबा हटाने का कार्य शुरू हो जाएगा। विषम भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से मशीनों से यहां काम नहीं कराया जा सका है।
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गत 11 मई को दशरथ डांडा में बादल फटने से शांता गदेरे ने विकराल रूप ले लिया था। गदेरे के मलबे में शांति बाजार में कई दुकानें व भवन जमींदोज हो गए थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सहित जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे थे और लोगों को जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन एक माह बाद भी गदेरे से दुकानों व मकानों का मलबा नहीं हटाया गया। व्यापारियों का कहना है कि समय रहते गदेरे से मलबा नहीं हटाया गया, तो बरसात में गदेरा दोबारा विकराल रूप ले सकता है। इसलिए समय पर इसका उपचार किया जाए। व्यापारियों ने पालिका के अधिशासी अधिकारी का ज्ञापन सौंपकर जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में हरे कृष्ण भट्ट, दिनेश, विक्रम सिंह, जरीश खान, चांद, जेपी पंत व मोहित भट्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
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वहीं, इस बाबत अधिशासी अधिकारी बीएस बिष्ट ने बताया कि शांति बाजार में संपर्क मार्ग टूटने की वजह से गदेरे का मलबा हटाना संभव नहीं था। अभी संपर्क मार्ग बन रहा है, जबकि मलबा हटाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जल्द मलबा हटाने का कार्य शुरू हो जाएगा। विषम भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से मशीनों से यहां काम नहीं कराया जा सका है।
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