फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   Number of students decreased from 250 to 24 in GIC Baherakhal.

Pauri News: जीआईसी बहेड़ाखाल में 250 से घटकर 24 पहुंची छात्र संख्या

Mon, 16 Sep 2024 11:20 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2024 11:20 PM IST
विज्ञापन
Number of students decreased from 250 to 24 in GIC Baherakhal.

विज्ञापन
पौड़ी। पहाड़ में बिरले उदाहरणों को छोड़ दें, तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था जैसे पटरी से उतर गई है। जनपद पौड़ी के विकास खंड कोट का जीआईसी बहेड़ाखाल क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांवों की शिक्षा का सबसे अहम केंद्र हुआ करता था। लेकिन राज्य गठन के दो दशकों में ही यहां छात्र संख्या 250 से गिरकर आज मात्र 24 छात्रों पर सिमट गई है। सरकार की उदासीनता और शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय में लगातार घटती छात्र संख्या अभिभावकों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।विकास खंड कोट में वर्ष 1972 में विषम परिस्थितियों के बीच रानीगढ़ तोक में जूनियर हाईस्कूल की स्थापना हुई थी, जो 1770 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला है। विद्यालय की स्थापना में पूर्व ब्लाक प्रमुख मदन सिंह नयाल ने अहम योगदान दिया था। वह आज भी स्कूल के अस्तित्व को बचाने को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। नयाल बताते हैं कि वर्ष 1972 में रानीगढ़ तोक में बहेड़ा गांव के निवासियों की भूमि पर विद्यालय का निर्माण हुआ था। यह स्कूल बहेड़ा, रिगुंड, चोपड़ी, खांडा, ग्राम पंचायत भटकोटी, कुनकुली, महादेवसैंण, कोटा, अलासू, दिऊसा सहित दो दर्जन गांवों के छात्रों की शिक्षा का अहम केंद्र रहा हैं। बताया कि वर्ष 1990 में विद्यालय का जूनियर हाईस्कूल से हाईसकूल में उच्चीकरण हुआ था। 1991 में विष्णु दत्त कुकरेती ने प्रधानाचार्य का पदभार संभाला और सभी स्वीकृत पदों पर शिक्षको व कर्मचारियों की तैनाती हुई थी। बताया कि रिंगुड़ गांव के लोगों ने 70 हजार का चंदा एकत्रित कर विद्यालय को दिया, जिससे कुछ कक्षो का निर्माण व खेल मैदान का विस्तार किया गया। प्रधानाचार्य की दूरदृष्टि से स्कूल में किस्मोलिया, दिऊसा, भंडालू आदि कई गांवों के छात्र-छात्राएं आने लगे। बताया कि वर्ष 2000 में विद्यालय का उच्चीकरण इंटरमीडिएट में हुआ। जिसका उद्घाटन तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी व पूर्व शिक्षा मंत्री नरेंद्र सिंह भंडारी के द्वारा किया गया था। उस समय विद्यालय में 250 छात्र संख्या थी। जो आज घटकर मात्र 24 पर आकर सिमट गई है।



- स्थापना के साथ स्कूल को निरंतर आगे बढ़ता देखा है। स्कूल की व्यवस्थाओं के प्रति सरकार की उदासीनता, शिक्षकों की कमी व प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण के अभाव में छात्रों की संख्या में गिरावट आ रही है। सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो, वह दिन दूर नहीं, जब स्कूल पर ताला लटक जाएगा। यदि ऐसा हुआ, तो निर्धन, गरीब परिवार के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। -मदन सिंह नयाल, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख कोट
विज्ञापन




इस तरह घटती गई छात्र संख्या



वर्ष छात्र संख्या

2014-15 90



2015-16 92

2016-17 84



2017-18 68

2018-19 53



2019-20 56

2020-21 47



2021-22 46

2022-23 30



2023-24 24

11वीं नहीं है कोई छात्र

स्कूल में कक्षा 11 में कोई छात्र अध्ययनरत नहीं है। बीते वर्ष हाईस्कूल में एक छात्र अध्ययरत था। जिसे 11वीं में स्कूल प्रशासन ने प्रवेश नहीं दिया।



प्रवक्ता के तीन व एलटी का एक पद रिक्त



जीआईसी बहेड़ाखाल में प्रधानाचार्य का पद लंबे समय खाली चल रहा है। प्रवक्ता के कुल 9 पद हैं। जिनमें 5 सेवारत हैं। जबकि समाजशास्त्र, हिंदी, गणित व अंग्रेजी के पद रिक्त चल है। एलटी में स्वीकृत 8 पदों के सापेक्ष 7 सेवारत हैं। एलटी भाषा के शिक्षा लंबे समय से अनुपस्थिति चल रहे हैं। मिनिस्ट्रीय संवर्ग में दो पदों के सापेक्ष एक ही कर्मचारी तैनात है। चतुर्थ श्रेणी के तीन पदों में एक सेवारत व दो रिक्त हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


- जीआईसी बहेड़ाखाल में लगातार घटती छात्र संख्या चिंताजनक है। इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारी कोट से रिपोर्ट मांगी गई है। -नागेंद्र बर्त्वाल, प्रभारी सीईओ पौड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed