{"_id":"8724a3c1684e4d1900dccbfda64cdb61","slug":"meletha-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेशक झंडे रहेंगे अपने, मुद्दा होगा सबका एक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेशक झंडे रहेंगे अपने, मुद्दा होगा सबका एक
Updated Sun, 03 May 2015 11:05 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
महासम्मलेन के दूसरे दिन समापन अवसर पर तय किया गया कि जल संरक्षण और जल के अधिकार को लेकर नौ सितंबर से गैरसैंण से नेपाल तक पदयात्रा होगी।
वक्ताओं ने अनियोजित निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए। कहा गया कि ऐसे निर्माण कार्यों से प्राकृतिक आपदा से होने वाला नुकसान बढ़ जाता है। गलत जगह और तरीके से मकान बनाने वालों को आपदा में हानि होने पर सरकार आर्थिक मदद न दे, ताकि अन्य लोग इससे सबक ले।
मातृ सदन के स्वामी दयानंद ने मलेथा में स्टोन क्रशर के विरोध में आंदोलन चला रही महिलाओं का आह्वान किया कि संघर्ष करते रहें, विजय अवश्य मिलेगी। पर्यावरणविद् जगत सिंह चौधरी जंगली ने कहा कि लोग अपने जंगल, जल और जमीन न छोड़ें। भविष्य में पानी के लिए लड़ाई होगी। इसलिए जल संरक्षण पर ध्यान दिया जाए। किसी भी स्थान पर वहां की जमीन की क्षमता के मुताबिक लोगों को रहने की अनुमति दी जाए।
प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था से भ्रष्टाचार खत्म होने के बजाय बढ़ रहा है। धीरेंद्र अधिकारी ने कहा कि अनुच्छेद 371 लागू होनी चाहिए। चकबंदी की सफलता के लिए यह जरूरी है। महासम्मेलन के आयोजक हिमालय बचाओ आंदोलन के समीर रतूड़ी ने पहाड़ के विकास के स्वरूप को लेकर महासंग्राम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सभी संकल्प ले कि हर गांव अपने हक के लिए मलेथा के ग्रामीणों की तरह लड़े।
विज्ञापन
वक्ताओं ने अनियोजित निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए। कहा गया कि ऐसे निर्माण कार्यों से प्राकृतिक आपदा से होने वाला नुकसान बढ़ जाता है। गलत जगह और तरीके से मकान बनाने वालों को आपदा में हानि होने पर सरकार आर्थिक मदद न दे, ताकि अन्य लोग इससे सबक ले।
मातृ सदन के स्वामी दयानंद ने मलेथा में स्टोन क्रशर के विरोध में आंदोलन चला रही महिलाओं का आह्वान किया कि संघर्ष करते रहें, विजय अवश्य मिलेगी। पर्यावरणविद् जगत सिंह चौधरी जंगली ने कहा कि लोग अपने जंगल, जल और जमीन न छोड़ें। भविष्य में पानी के लिए लड़ाई होगी। इसलिए जल संरक्षण पर ध्यान दिया जाए। किसी भी स्थान पर वहां की जमीन की क्षमता के मुताबिक लोगों को रहने की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन
प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था से भ्रष्टाचार खत्म होने के बजाय बढ़ रहा है। धीरेंद्र अधिकारी ने कहा कि अनुच्छेद 371 लागू होनी चाहिए। चकबंदी की सफलता के लिए यह जरूरी है। महासम्मेलन के आयोजक हिमालय बचाओ आंदोलन के समीर रतूड़ी ने पहाड़ के विकास के स्वरूप को लेकर महासंग्राम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सभी संकल्प ले कि हर गांव अपने हक के लिए मलेथा के ग्रामीणों की तरह लड़े।
विज्ञापन