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मानदेय न मिलने पर पेयजल सप्लाई की बंद
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कल्जीखाल ब्लाक के गांवों में चिनवाड़ी डांडा पेयजल पंपिंग योजना से जलापूर्ति होती है। योजना के ऑपरेटरों को दो माह से मानदेय नहीं मिलने पर उन्होंने पेयजल आपूर्ति बंद कर दी, जिससे बूंगा, पैलार, भेटुली, पुंडोरी सहित 19 गांवों और 72 तोकों में ग्रामीणों के सामने पानी का संकट हो गया।
चिनवाड़ी पेयजल पंपिंग योजना के तहत पानी की सप्लाई के संचालन के लिए इनक्लेव, ढाडूखाल, बनेख, बिलखेत में जल निगम ने छह ऑपरेटरों को नियुक्त किया है, लेकिन निगम इन ऑपरेटरों को दो माह से मानदेय नहीं दे पाया है। इससे नाराज ऑपरेटरों ने जलापूर्ति बंद कर दी। ऑपरेटर राकेश घिल्डियाल, प्रेम प्रकाश, भगवती नेगी, किशन सिंह ने बताया कि पेयजल योजना के संचालन को लेकर जनवरी-फरवरी माह में आरके कंपनी के माध्यम से नियुक्ति हुई थी, लेकिन जुलाई से कंपनी ने समस्त ऑपरेटरों का समायोजन जल निगम कोटद्वार के यांत्रिकी विभाग में कर दिया। तब से जुलाई व अगस्त माह का मानदेय नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कुछ कर्मचारी ऑपरेटरों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। ऑपरेटर महेंद्र सिंह व योगेश बिष्ट ने कहा कि निगम के उपेक्षापूर्ण व्यवहार को देखते हुए सभी ऑपरेटरों ने जलापूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है।
चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना के तहत 23080 परिवार लाभान्वित होते हैं। जलापूर्ति सुचारु करने के लिए ऑपरेटरों से वार्ता की गई, लेकिन ऑपरेटरों ने अभी जलापूर्ति सुचारु नहीं की है। बजट नहीं मिलने से इन ऑपरेटरों को मानदेय नहीं दिया जा सका है। बजट आते ही सभी ऑपरेटरों को मानदेय दे दिया जाएगा। - विशाल कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम कोटद्वार।
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चिनवाड़ी पेयजल पंपिंग योजना के तहत पानी की सप्लाई के संचालन के लिए इनक्लेव, ढाडूखाल, बनेख, बिलखेत में जल निगम ने छह ऑपरेटरों को नियुक्त किया है, लेकिन निगम इन ऑपरेटरों को दो माह से मानदेय नहीं दे पाया है। इससे नाराज ऑपरेटरों ने जलापूर्ति बंद कर दी। ऑपरेटर राकेश घिल्डियाल, प्रेम प्रकाश, भगवती नेगी, किशन सिंह ने बताया कि पेयजल योजना के संचालन को लेकर जनवरी-फरवरी माह में आरके कंपनी के माध्यम से नियुक्ति हुई थी, लेकिन जुलाई से कंपनी ने समस्त ऑपरेटरों का समायोजन जल निगम कोटद्वार के यांत्रिकी विभाग में कर दिया। तब से जुलाई व अगस्त माह का मानदेय नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कुछ कर्मचारी ऑपरेटरों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। ऑपरेटर महेंद्र सिंह व योगेश बिष्ट ने कहा कि निगम के उपेक्षापूर्ण व्यवहार को देखते हुए सभी ऑपरेटरों ने जलापूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है।
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चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना के तहत 23080 परिवार लाभान्वित होते हैं। जलापूर्ति सुचारु करने के लिए ऑपरेटरों से वार्ता की गई, लेकिन ऑपरेटरों ने अभी जलापूर्ति सुचारु नहीं की है। बजट नहीं मिलने से इन ऑपरेटरों को मानदेय नहीं दिया जा सका है। बजट आते ही सभी ऑपरेटरों को मानदेय दे दिया जाएगा। - विशाल कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम कोटद्वार।
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