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दिव्यांग से दुराचार के प्रयास में पांच साल की सजा
Updated Wed, 29 Nov 2017 10:38 PM IST
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पौड़ी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दिव्यांग महिला के साथ दुराचार की कोशिश के दोषी अभियुक्त को पांच साल की कैद और सात हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटना के मामले में पीड़िता की बहन ने कोटद्वार तहसील क्षेत्र के एक थाने में 16 फरवरी 2017 को तहरीर दी थी। तहरीर में उसने बताया कि वह करीब डेढ़ बजे जंगल से लकड़ियां लेकर लौटी तो उसने गांव के ही चंद्रवीर सिंह को भागते देखा। चंद्रवीर सिंह ने घर में घुसकर उसकी दिव्यांग बहन से दुराचार की कोशिश की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दुुराचार का प्रयास व एससीएसटी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ कोटद्वार ने मामले की जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दुराचार के प्रयास का दोषी पाया। अभियुक्त को पांच साल की कैद और सात हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल पांच गवाह पेश किए गए।
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घटना के मामले में पीड़िता की बहन ने कोटद्वार तहसील क्षेत्र के एक थाने में 16 फरवरी 2017 को तहरीर दी थी। तहरीर में उसने बताया कि वह करीब डेढ़ बजे जंगल से लकड़ियां लेकर लौटी तो उसने गांव के ही चंद्रवीर सिंह को भागते देखा। चंद्रवीर सिंह ने घर में घुसकर उसकी दिव्यांग बहन से दुराचार की कोशिश की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दुुराचार का प्रयास व एससीएसटी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ कोटद्वार ने मामले की जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दुराचार के प्रयास का दोषी पाया। अभियुक्त को पांच साल की कैद और सात हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल पांच गवाह पेश किए गए।