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Pauri News: कवर इंसुलेटेड कंडक्टर से मिलेगी दुर्घटनाओं से निजात
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श्रीनगर। नगर निगम और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों में अब बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं से निजात मिल पाएगी। विद्युत विभाग (यूपीसीएल) ने सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम उठाते हुए 11 केवी की मुख्य लाइनों पर कवर इंसुलेटेड कंडक्टर लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्य सुमाड़ी, बिलकेदार, पराग, जल संस्थान रोड समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में जारी है।
विद्युत विभाग का कहना है कि कवर कंडक्टर से न केवल ट्रिपिंग की घटनाओं में कमी आएगी बल्कि आमजन को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। खुले तारों के स्थान पर कवर इंसुलेटेड तार बिछने से जहां शॉर्ट सर्किट की घटनाएं घटेंगी। वहीं, बारिश आंधी आदि से होने वाले लाइन फॉल्ट भी नियंत्रित होंगे।विद्युत विभाग का यह भी दावा है कि कवर कंडक्टर से बिजली चोरी की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। इसके साथ ही पशुओं और नागरिकों को खुले तारों से करंट लगने का खतरा भी समाप्त हो जाएगा।
अवर अभियंता यतेंद्र कुमार ने बताया कि श्रीनगर क्षेत्र की अधिकांश 11 केवी लाइनें अब तक खुले तारों से चल रही थीं। ये तारें बारिश या पेड़ की शाखाओं के संपर्क में आने पर ट्रिप हो जाती थीं। इससे न केवल बिजली कटौती होती थी बल्कि जान-माल की हानि की संभावना भी बनी रहती थी।
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विद्युत विभाग का कहना है कि कवर कंडक्टर से न केवल ट्रिपिंग की घटनाओं में कमी आएगी बल्कि आमजन को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। खुले तारों के स्थान पर कवर इंसुलेटेड तार बिछने से जहां शॉर्ट सर्किट की घटनाएं घटेंगी। वहीं, बारिश आंधी आदि से होने वाले लाइन फॉल्ट भी नियंत्रित होंगे।विद्युत विभाग का यह भी दावा है कि कवर कंडक्टर से बिजली चोरी की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। इसके साथ ही पशुओं और नागरिकों को खुले तारों से करंट लगने का खतरा भी समाप्त हो जाएगा।
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अवर अभियंता यतेंद्र कुमार ने बताया कि श्रीनगर क्षेत्र की अधिकांश 11 केवी लाइनें अब तक खुले तारों से चल रही थीं। ये तारें बारिश या पेड़ की शाखाओं के संपर्क में आने पर ट्रिप हो जाती थीं। इससे न केवल बिजली कटौती होती थी बल्कि जान-माल की हानि की संभावना भी बनी रहती थी।
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