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उड़ रही नहीं पा रही केंद्र सरकार की उड़ान योजना
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श्रीनगर जीवीके हेलीपैड़ पर हेलीकाप्टर मे सवार होते यात्री
- फोटो : SHRINAGAR
केंद्र सरकार की उड़ान योजना उड़ नहीं पा रही है। पिछले डेढ़ माह से पवन हंस एवीशियन को मात्र 32 सवारियां मिली हैं। 11 सवारियों की क्षमता वाला हेलीकॉप्टर यहां से टिहरी व गौचर के लिए अधिकतर खाली उड़ान ही भरता है।
गत 29 जुलाई को उड़ान योजना के दूसरे चरण में जॉलीग्रांट-टिहरी-श्रीनगर-गौचर हवाई सेवा शुरू हुई थी। उद्घाटन के दिन मौसम की खराबी की वजह से टिहरी से श्रीनगर-गौचर के लिए हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया, जिसके चलते यहां 31 जुलाई को हेलीकॉप्टर पहली बार पहुंचा। पहले दिन श्रीनगर से देहरादून के लिए एक सवारी मिली। योजना के धीरे-धीरे परवान चढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। हेली सेवा सप्ताह के तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती है। 31 जुलाई से 16 सितंबर तक हेलीकॉप्टर 21 उड़ान भर चुका है, जिसमें देहरादून, टिहरी व गौचर के लिए सिर्फ 34 सवारियां मिली हैं। 10 दिन हेलीकॉप्टर को श्रीनगर से एक भी सवारी नहीं मिली। बमुश्किल 14 सितंबर को विभिन्न स्थानों से 11 सवारियां मिली थी, लेकिन उस दिन मौसम खराब होने की वजह से हेलीकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी। पवन हंस के स्टेशन इंचार्ज प्रकाश चौहान ने बताया कि 16 सितंबर को श्रीनगर से देहरादून के लिए एक सवारी मिली है।
यह है प्रमुख कारण
उड़ान योजना मेेें श्रीनगर और गौचर से सीधा देहरादून जाने का प्रावधान है। यदि गौचर से देहरादून जाना हो, तो श्रीनगर और टिहरी से होकर जाना पड़ता है। इसके लिए प्रति लैंग 2951 रुपये देना पड़ रहा है। श्रीनगर से देहरादून के 4902 रुपये पड़ रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि देहरादून के लिए सीधे उड़ान होती, तो सस्ता पड़ता।
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- हवाई सेवा के प्रति लैग में 48 रुपये की वृद्धि
हवाई सेवा के प्रति लैग में 48 रुपये की वृद्धि कर दी गई है। शुरुआत में पवन हंस ने 2903 रुपये प्रति लैग किराया तय किया था। इसको अब 2951 रुपये कर दिया गया है। यानि कि श्रीनगर से देहरादून के लिए अब 96 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेेंगे।
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गत 29 जुलाई को उड़ान योजना के दूसरे चरण में जॉलीग्रांट-टिहरी-श्रीनगर-गौचर हवाई सेवा शुरू हुई थी। उद्घाटन के दिन मौसम की खराबी की वजह से टिहरी से श्रीनगर-गौचर के लिए हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया, जिसके चलते यहां 31 जुलाई को हेलीकॉप्टर पहली बार पहुंचा। पहले दिन श्रीनगर से देहरादून के लिए एक सवारी मिली। योजना के धीरे-धीरे परवान चढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। हेली सेवा सप्ताह के तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती है। 31 जुलाई से 16 सितंबर तक हेलीकॉप्टर 21 उड़ान भर चुका है, जिसमें देहरादून, टिहरी व गौचर के लिए सिर्फ 34 सवारियां मिली हैं। 10 दिन हेलीकॉप्टर को श्रीनगर से एक भी सवारी नहीं मिली। बमुश्किल 14 सितंबर को विभिन्न स्थानों से 11 सवारियां मिली थी, लेकिन उस दिन मौसम खराब होने की वजह से हेलीकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी। पवन हंस के स्टेशन इंचार्ज प्रकाश चौहान ने बताया कि 16 सितंबर को श्रीनगर से देहरादून के लिए एक सवारी मिली है।
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यह है प्रमुख कारण
उड़ान योजना मेेें श्रीनगर और गौचर से सीधा देहरादून जाने का प्रावधान है। यदि गौचर से देहरादून जाना हो, तो श्रीनगर और टिहरी से होकर जाना पड़ता है। इसके लिए प्रति लैंग 2951 रुपये देना पड़ रहा है। श्रीनगर से देहरादून के 4902 रुपये पड़ रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि देहरादून के लिए सीधे उड़ान होती, तो सस्ता पड़ता।
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- हवाई सेवा के प्रति लैग में 48 रुपये की वृद्धि
हवाई सेवा के प्रति लैग में 48 रुपये की वृद्धि कर दी गई है। शुरुआत में पवन हंस ने 2903 रुपये प्रति लैग किराया तय किया था। इसको अब 2951 रुपये कर दिया गया है। यानि कि श्रीनगर से देहरादून के लिए अब 96 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेेंगे।