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तकनीक के बेहतर इस्तेमाल का प्रयोग करने पर दिया जोर
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी रीसेंट एडवांसमेंट इन फिजिकल साइंसेज विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एनआईटी बीओजी के अध्यक्ष डॉ. आरके त्यागी, निदेशक प्रो. अखिलेश स्वरूप और विशिष्ट अतिथि सीएसआईआरएन तिरुवंतनपुरम के निदेशक प्रो. ए अजयघोष निदेशक ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. त्यागी ने औद्योगिकी 5.0 और इमोशनल रोबोट की धारणा पर काम करने पर जोर दिया। प्रो. अजयघोष ने अन्तर्विषयी अनुसंधान, विज्ञान एवं तकनीक को आज के समय की आवश्यकता बताया। निदेशक प्रो. स्वरूप ने संस्थान के रसायन, भौतिकी एवं गणित विभागों के सामूहिक आयोजन की सराहना करते हुए ऐसी अन्य गतिविधियों को आगे भी करते रहने हेतु प्रोत्साहित किया।
तकनीकी कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. अजयघोष ने की। उन्होंने नए प्रकार उत्तेजना उत्तरदायी (स्टीमुलाई रिस्पॉसिंव) पदार्थों के बारे में विस्तार से बताया। आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहुजा ने हाइड्रोजन उत्पादन एवं संग्रहण को भविष्य का ईंधन बताया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के 15 विशेषज्ञों ने विचार रखे। जबकि 100 से भी ज्यादा शोधार्थियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के संयोजक डॉ.धमेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि विषय विशेषज्ञों की ओर से मूल्यांकन करने के पश्चात सबसे बेहतर शोधपत्र पढ़ने वाले शोधार्थी को उत्कृष्ट शोध प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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इस अवसर पर डॉ. जाग्रति सहरिया, डॉ. राकेश कुमार मिश्र, डॉ. रामपाल पांडेय व डॉ. कुसुम शर्मा ने विचार रखे। कुलसचिव डॉ. पीएम काला ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. त्यागी ने औद्योगिकी 5.0 और इमोशनल रोबोट की धारणा पर काम करने पर जोर दिया। प्रो. अजयघोष ने अन्तर्विषयी अनुसंधान, विज्ञान एवं तकनीक को आज के समय की आवश्यकता बताया। निदेशक प्रो. स्वरूप ने संस्थान के रसायन, भौतिकी एवं गणित विभागों के सामूहिक आयोजन की सराहना करते हुए ऐसी अन्य गतिविधियों को आगे भी करते रहने हेतु प्रोत्साहित किया।
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तकनीकी कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. अजयघोष ने की। उन्होंने नए प्रकार उत्तेजना उत्तरदायी (स्टीमुलाई रिस्पॉसिंव) पदार्थों के बारे में विस्तार से बताया। आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहुजा ने हाइड्रोजन उत्पादन एवं संग्रहण को भविष्य का ईंधन बताया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के 15 विशेषज्ञों ने विचार रखे। जबकि 100 से भी ज्यादा शोधार्थियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के संयोजक डॉ.धमेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि विषय विशेषज्ञों की ओर से मूल्यांकन करने के पश्चात सबसे बेहतर शोधपत्र पढ़ने वाले शोधार्थी को उत्कृष्ट शोध प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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इस अवसर पर डॉ. जाग्रति सहरिया, डॉ. राकेश कुमार मिश्र, डॉ. रामपाल पांडेय व डॉ. कुसुम शर्मा ने विचार रखे। कुलसचिव डॉ. पीएम काला ने धन्यवाद ज्ञापित किया।