विकासखंड के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। कहा कि क्षेत्र के अधिकांश प्राकृतिक जलस्रोत सूखने से ग्रामीण विगत तीन माह से आए दिन पेयजल समस्या से जूझ रहे है, लेकिन विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
भरपूर क्षेत्र के कुर्न, चिलपड़, सौड, डोबरी, बछेलीखाल आदि गांवों के लोग भारी पेयजल संकट से जूझ रहे है। मंगलवार को जल संस्थान कार्यालय पहुंचे परेशान ग्रामीणों ने कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र रावत व प्रधान पुष्पा रावत ने कहा कि समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रूप में शिकायत की गई है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चिलपड़ की प्रधान नंदेश्वरी देवी ने गांव में टैंकर लगाए जाने की मांग की। प्रधान सौड़ राकेश व क्षेत्रपंचायत सदस्य शशी देवी ने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों पर पानी बहुत कम हो चुका है। जिस कारण ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे है। ग्रामीणों ने एक सप्ताह के अंदर जलापूर्ति सुचारु न होने पर जल संस्थान के कार्यालय पर तालाबंदी और आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों से कहा कि ऋषिकेश-बदरीनाथ मोटर मार्ग पर कटिंग का कार्य किया जा रहा है। जिस कारण आए दिन पाइप लाइन टूट रही है। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए आक्रोशित ग्रामीणों से एक सप्ताह का समय मांगा है।