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अभिभावकों ने दी उप शिक्षाधिकारी कार्यालय के सम्मुख धरना प्रदर्शन की चेतावनी
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श्रीनगर। सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में आरटीई के तहत प्रवेशित छात्र-छात्राओं को ट्यूशन फीस व प्रतिपूर्ति का भुगतान न किए जाने पर अभिभावकों ने खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय के सम्मुख धरना प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है। कहा कि सरकार व विभाग की ओर से वर्ष 2015 से धनराशि का भुगतान न किए जाने से कई गरीब छात्र स्कूल छोड़ने को मजबूर हो चुके है।
जन उड़ान संस्था के अध्यक्ष कुशलानाथ व स्थानीय अभिभावकों ने उप शिक्षाधिकारी खिर्सू को ज्ञापन सौंप आरटीई के तहत विभिन्न विद्यालयों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को ट्यूशन फीस व प्रतिपूर्ति व्यय भुगतान किए जाने की मांग की है। कहा कि आरटीआई के तहत प्रवेशित सामान्य जाति के छात्रों को वर्ष 2015 से भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि अनुसुचित जाति के छात्रों को वर्ष 2018 तक का ही भुगतान किया गया है। कहा कि धनराशि न मिलने से निजी विद्यालयों की ओर से अध्ययनरत छात्रों को परेशान किया जा रहा है। अभिभावकों ने 25 अप्रैल तक इस संबंध में उप शिक्षाधिकारी से सभी विद्यालयों को आदेश जारी करने व भुगतान की मांग की है। ऐसा न किए जाने पर अभिभावकों ने 27 से 30 अप्रैल के मध्य उप शिक्षाधिकारी कार्यालय के सम्मुख एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन भेजने वालों में पुष्पा देवी, गंगा, परमेश्वरी, मीना, आशा पंवार, शांति देवी, अंजू रावत, लखपति, विमला, लता, गणेशी, सुमन, सुषमा व निर्मला देवी आदि शामिल थी।
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जन उड़ान संस्था के अध्यक्ष कुशलानाथ व स्थानीय अभिभावकों ने उप शिक्षाधिकारी खिर्सू को ज्ञापन सौंप आरटीई के तहत विभिन्न विद्यालयों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को ट्यूशन फीस व प्रतिपूर्ति व्यय भुगतान किए जाने की मांग की है। कहा कि आरटीआई के तहत प्रवेशित सामान्य जाति के छात्रों को वर्ष 2015 से भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि अनुसुचित जाति के छात्रों को वर्ष 2018 तक का ही भुगतान किया गया है। कहा कि धनराशि न मिलने से निजी विद्यालयों की ओर से अध्ययनरत छात्रों को परेशान किया जा रहा है। अभिभावकों ने 25 अप्रैल तक इस संबंध में उप शिक्षाधिकारी से सभी विद्यालयों को आदेश जारी करने व भुगतान की मांग की है। ऐसा न किए जाने पर अभिभावकों ने 27 से 30 अप्रैल के मध्य उप शिक्षाधिकारी कार्यालय के सम्मुख एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन भेजने वालों में पुष्पा देवी, गंगा, परमेश्वरी, मीना, आशा पंवार, शांति देवी, अंजू रावत, लखपति, विमला, लता, गणेशी, सुमन, सुषमा व निर्मला देवी आदि शामिल थी।
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