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घर में व्यायाम करने से 80 फीसदी लोग हुए तनाव मुक्त
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गढ़वाल विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार लॉकडाउन के दौरान 80 प्रतिशत लोगों को घर पर व्यायाम करने से मानसिक तनाव को दूर करने में मदद मिली है। वहीं 76 प्रतिशत ने यह माना कि यदि वह पहले से ही घर पर व्यायाम करते तो उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता। हालांकि लोग खुली हवा में व्यायाम करना चाहते हैं।
गढ़वाल विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से गत जून माह में ‘होम वर्क आउट’ लाभ एवं जटिलताएं विषय पर प्रश्नावली तैयार एक ऑनलाइन सर्वेक्षण कराया गया। इस सर्वेक्षण में 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। सर्वेक्षण में प्रमुख रुप से यह तथ्य उभर कर आया कि इस वैश्विक महामारी के दौर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया है। नियमित रुप से घर में व्यायाम करने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। लोग व्यायाम के साथ-साथ अपने खान-पान पर भी ध्यान दे रहे हैं। शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डा. मुकुल पंत ने सर्वेक्षण के नतीजों के बारे में बताया। कहा कि लोगों द्वारा नियमित व्यायाम करना, अपने परिवार को इसमें शामिल करना, नए-नए व्यायामों की रचना करना, अपने खान-पान पर ध्यान देना और मानसिक तनाव को दूर करने में इसका लाभ लेना सकारात्मक संकेत हैं। इस प्रक्रिया को जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। इससे न केवल मानसिक एवं शारीरिक स्वस्थता बढ़ेगी बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। ब्यूरो
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गढ़वाल विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से गत जून माह में ‘होम वर्क आउट’ लाभ एवं जटिलताएं विषय पर प्रश्नावली तैयार एक ऑनलाइन सर्वेक्षण कराया गया। इस सर्वेक्षण में 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। सर्वेक्षण में प्रमुख रुप से यह तथ्य उभर कर आया कि इस वैश्विक महामारी के दौर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया है। नियमित रुप से घर में व्यायाम करने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। लोग व्यायाम के साथ-साथ अपने खान-पान पर भी ध्यान दे रहे हैं। शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डा. मुकुल पंत ने सर्वेक्षण के नतीजों के बारे में बताया। कहा कि लोगों द्वारा नियमित व्यायाम करना, अपने परिवार को इसमें शामिल करना, नए-नए व्यायामों की रचना करना, अपने खान-पान पर ध्यान देना और मानसिक तनाव को दूर करने में इसका लाभ लेना सकारात्मक संकेत हैं। इस प्रक्रिया को जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। इससे न केवल मानसिक एवं शारीरिक स्वस्थता बढ़ेगी बल्कि उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। ब्यूरो
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