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रामनवमी के पर्व पर देवी के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता
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श्रीनगर/देवप्रयाग। रामनवमी के पर्व पर देवी के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं श्रद्धालुओं ने कन्याओं का पूजन करने के साथ भोग लगाया। एसएसबी के महानिदेशक कुमार राजेश चंद्रा ने भी परिवार सहित धारी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इधर, देवप्रयाग में रामनवमी व बैसाखी पर्व पर भागीरथी-अलकनंदा संगम स्थल में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भगवान श्री राम की तपस्थली रामकुंड में भी बड़ी संख्या में पर्व स्नान हुआ।
दो दिवसीय बैसाखी पर्व पर तीर्थ नगरी में स्नान पूजन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी शामिल थे। श्री रघुनाथ मंदिर में पूरे दिन पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचते रहे। तीर्थ पुरोहित समाज की ओर से पहली बार राम दरबार की झांकी के साथ श्री रघुनाथ गंगा परिक्रमा यात्रा भी निकाली गयी।
इसके अलावा बैसाखी के आगमन पर चैत्र मास की फुल्यारी कन्याओं का पूजन कर विदा भी किया गया। लोक वादकों ने ढोल दमाऊं की थापों के साथ मंगल गीत गाते हुए सुख समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं के लिए श्री बदरीस युवा पुरोहित संगठन व श्री रघुनाथ गंगा सेवा समिति की ओर से भंडारे की व्यवस्था की गयी।
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वहीं, बैसाखी पर्व पर परंपरानुसार सलाण, पाबौ, एकेश्वर व डांडा नागराजा आदि स्थानों से आये लोगों ने ईष्ट देवों के आह्वान के साथ महिलाओं का जलछाया पूजन भी किया।
दो दिवसीय बैसाखी पर्व पर तीर्थ नगरी में स्नान पूजन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी शामिल थे। श्री रघुनाथ मंदिर में पूरे दिन पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचते रहे। तीर्थ पुरोहित समाज की ओर से पहली बार राम दरबार की झांकी के साथ श्री रघुनाथ गंगा परिक्रमा यात्रा भी निकाली गयी।
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इसके अलावा बैसाखी के आगमन पर चैत्र मास की फुल्यारी कन्याओं का पूजन कर विदा भी किया गया। लोक वादकों ने ढोल दमाऊं की थापों के साथ मंगल गीत गाते हुए सुख समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं के लिए श्री बदरीस युवा पुरोहित संगठन व श्री रघुनाथ गंगा सेवा समिति की ओर से भंडारे की व्यवस्था की गयी।
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वहीं, बैसाखी पर्व पर परंपरानुसार सलाण, पाबौ, एकेश्वर व डांडा नागराजा आदि स्थानों से आये लोगों ने ईष्ट देवों के आह्वान के साथ महिलाओं का जलछाया पूजन भी किया।