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कल्याण मंच के समर्थन वापसी के बाद भी अनशन जारी
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:41 PM IST
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पौड़ी। विभिन्न समस्याओं के निराकरण और अन्य मांगों को लेकर पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति के आंदोलन में नया मोड़ आ गया है। धरना-प्रदर्शन को अपना समर्थन दे रहे कई संगठनों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। हालांकि, संघर्ष समिति के संयोजत नमन चंदोला अनशन पर डटे हुए हैं।
पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति ने 36 दिन पहले कलक्ट्रेट के पास कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रचिंग ग्राउंड बनाने, पॉलीटेक्निक के लिए बजट देने, पौड़ी शहर में सीवरेज व्यवस्था करने, फर्जी राज्य आंदोलनकारियों की जांच करने और दोषियों को सजा और केंद्रीय विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। उनके इस प्रदर्शन को नागरिक कल्याण मंच ने अपना समर्थन दिया था, लेकिन जिलाधिकारी सुशील कुमार और क्षेत्रीय विधायक मुकेश कोली के आश्वासन के बाद नागरिक कल्याण मंच ने समर्थन वापस ले लिया है।
मंगलवार को कल्याण मंच के भगवान सिंह टम्टा, रघुवीर सिंह रावत, केदार सिंह गुर्साइं, जगमोहन सिंह नेगी आदि ने विज्ञप्ति जारी कर धरने से समर्थन वापसी की बात कही है।
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इसमें कहा गया है कि मांगों पर प्रशासन ने कार्यवाही शुरू कर दी है और वे धरने से समर्थन वापस ले रहे हैं।
वहीं, पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति के नमन चंदोला का कहना है कि वे आमरण अनशन तब समाप्त नहीं करेंगे जब मांगें पूरी नहीं हो जातीं। अभी तक डीएम और विधायक ने सिर्फ मौखिक आश्वासन दिया है, लिखित में कुछ भी नहीं दिया है।
नमन चंदोला का आरोप है कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने के लिए धरने को समर्थन दे रहे थे। यही वजह है कि अनशन शुरू होते ही वे मैदान छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे अनशन पर डटे रहेंगे चाहे उन्हें अकेले ही अनशन क्यों न करना पड़े।
पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति ने 36 दिन पहले कलक्ट्रेट के पास कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रचिंग ग्राउंड बनाने, पॉलीटेक्निक के लिए बजट देने, पौड़ी शहर में सीवरेज व्यवस्था करने, फर्जी राज्य आंदोलनकारियों की जांच करने और दोषियों को सजा और केंद्रीय विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। उनके इस प्रदर्शन को नागरिक कल्याण मंच ने अपना समर्थन दिया था, लेकिन जिलाधिकारी सुशील कुमार और क्षेत्रीय विधायक मुकेश कोली के आश्वासन के बाद नागरिक कल्याण मंच ने समर्थन वापस ले लिया है।
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मंगलवार को कल्याण मंच के भगवान सिंह टम्टा, रघुवीर सिंह रावत, केदार सिंह गुर्साइं, जगमोहन सिंह नेगी आदि ने विज्ञप्ति जारी कर धरने से समर्थन वापसी की बात कही है।
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इसमें कहा गया है कि मांगों पर प्रशासन ने कार्यवाही शुरू कर दी है और वे धरने से समर्थन वापस ले रहे हैं।
वहीं, पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति के नमन चंदोला का कहना है कि वे आमरण अनशन तब समाप्त नहीं करेंगे जब मांगें पूरी नहीं हो जातीं। अभी तक डीएम और विधायक ने सिर्फ मौखिक आश्वासन दिया है, लिखित में कुछ भी नहीं दिया है।
नमन चंदोला का आरोप है कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने के लिए धरने को समर्थन दे रहे थे। यही वजह है कि अनशन शुरू होते ही वे मैदान छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे अनशन पर डटे रहेंगे चाहे उन्हें अकेले ही अनशन क्यों न करना पड़े।