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खंडूड़ी ने अब विजय बहुगुणा पर साधा निशाना
Updated Thu, 02 Nov 2017 10:47 PM IST
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पौड़ी। लोकायुुक्त को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद अब गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उनके लोकायुक्त बिल को तत्कालीन राष्ट्रपति से स्वीकृति मिली और पूरे देश ने इसकी सराहना की, लेकिन बाद में सत्ता में आई कांग्रेस के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने जानबूझकर लोकायुक्त को कमजोर करने का काम किया।
पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में तब पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने लोकायुक्त बिल का समर्थन किया। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बिना कॉमा, फुल स्टॉप हटाए लोकायुक्त बिल को स्वीकृति दी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस बीच भ्रष्टाचारियों के सौजन्य से उनकी सरकार बदल गई और कांग्रेस के सत्तारूढ़ होने पर विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बन गए। खंडूड़ी यह कहने से भी नहीं चूके कि भले ही बहुगुणा इस वक्त उनकी पार्टी में हैं, लेकिन यह भी सच है कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार भी उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में हुआ है। खंडूड़ी ने दोहराया कि लोकायुक्त बिल के उसी स्वरूप में पारित न हो पाने से उन्हें व्यक्तिगत पीड़ा है। उन्हें लगता है कि प्रदेश की प्रचंड बहुमत वाली सरकार को अब बिना समय गंवाए सशक्त लोकायुक्त बिल पारित कर देना चाहिए। खंडूड़ी ने पौड़ी में फर्जी राज्य आंदोलनकारियों की सूची बनने के मामले में कहा कि फर्जी सूची बनाने और गलत तरीके से अपना नाम सूची में शामिल करने के दोषियों पर सजा होनी चाहिए। चाहे वह किसी भी पार्टी या पहुंच वाले ही क्यों न हों। इस दौरान सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पौड़ी विधायक मुकेेश कोली व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
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पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में तब पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने लोकायुक्त बिल का समर्थन किया। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बिना कॉमा, फुल स्टॉप हटाए लोकायुक्त बिल को स्वीकृति दी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस बीच भ्रष्टाचारियों के सौजन्य से उनकी सरकार बदल गई और कांग्रेस के सत्तारूढ़ होने पर विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बन गए। खंडूड़ी यह कहने से भी नहीं चूके कि भले ही बहुगुणा इस वक्त उनकी पार्टी में हैं, लेकिन यह भी सच है कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार भी उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में हुआ है। खंडूड़ी ने दोहराया कि लोकायुक्त बिल के उसी स्वरूप में पारित न हो पाने से उन्हें व्यक्तिगत पीड़ा है। उन्हें लगता है कि प्रदेश की प्रचंड बहुमत वाली सरकार को अब बिना समय गंवाए सशक्त लोकायुक्त बिल पारित कर देना चाहिए। खंडूड़ी ने पौड़ी में फर्जी राज्य आंदोलनकारियों की सूची बनने के मामले में कहा कि फर्जी सूची बनाने और गलत तरीके से अपना नाम सूची में शामिल करने के दोषियों पर सजा होनी चाहिए। चाहे वह किसी भी पार्टी या पहुंच वाले ही क्यों न हों। इस दौरान सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पौड़ी विधायक मुकेेश कोली व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
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