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पहाड़ की शांत वादियों में महिला अपराध की घटनाओं से हर कोई हैरान
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:48 PM IST
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पौड़ी। पहाड़ की शांत वादियों में महिला अपराध की बढ़ती घटनाओं से हर कोई हैरान है। पिछले एक महीने के भीतर राजस्व क्षेत्रों में बलात्कार के चार और दहेज हत्या के पांच मामले सामने आ चुके हैं। जबकि पुलिस क्षेत्र में भी कई प्रकरण हो चुके हैं।
पौड़ी की महिलाओं का कहना है कि पहाड़ की शांत वादियों में अपराध तेजी से पांव पसार रहा है। पूर्व में गैंगरेप तो दूर, छेड़छाड़ तक के मामले नहीं होते थे, लेकिन राज्य गठन के बाद से आए दिन माताओं और बहनों के साथ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, इससे महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। 60 वर्षीय कांडई गांव निवासी रोशनी देवी कहती हैं कि पहाड़ में लोग पहले घरों में ताले तक नहीं लगाते थे, लेकिन अब महिलाओं और लड़कियों को घर से बाहर निकलने से डर लगता है। उन्हें अक्सर किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है। लक्ष्मी देवी बताती हैं कि महिलाएं जंगलों में घास, लकड़ी हो जाती थीं तो उन्हें किसी तरह का कोई डर नहीं था, लेकिन अब जंगल तो दूर शहर में गुजरने में भी डर लगता है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों का न सिर्फ सत्यापन हो, बल्कि इस तरह की घटनाएं न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। भगवती देवी के मुताबिक प्रदेश में मूल निवास प्रमाण पत्र एवं धारा 371 लागू की जाए।
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बलात्कार के चार और दहेज हत्या के पांच मामले
पिछले एक महीने में टिहरी में एक, चमोली में दो एवं रुद्रप्रयाग में बलात्कार का एक मामला सामने आया है, जबकि दहेज हत्या में पिछले एक महीने के भीतर टिहरी में एक, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में दो-दो मामले सामने आ चुके हैं।
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पौड़ी की महिलाओं का कहना है कि पहाड़ की शांत वादियों में अपराध तेजी से पांव पसार रहा है। पूर्व में गैंगरेप तो दूर, छेड़छाड़ तक के मामले नहीं होते थे, लेकिन राज्य गठन के बाद से आए दिन माताओं और बहनों के साथ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, इससे महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। 60 वर्षीय कांडई गांव निवासी रोशनी देवी कहती हैं कि पहाड़ में लोग पहले घरों में ताले तक नहीं लगाते थे, लेकिन अब महिलाओं और लड़कियों को घर से बाहर निकलने से डर लगता है। उन्हें अक्सर किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है। लक्ष्मी देवी बताती हैं कि महिलाएं जंगलों में घास, लकड़ी हो जाती थीं तो उन्हें किसी तरह का कोई डर नहीं था, लेकिन अब जंगल तो दूर शहर में गुजरने में भी डर लगता है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों का न सिर्फ सत्यापन हो, बल्कि इस तरह की घटनाएं न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। भगवती देवी के मुताबिक प्रदेश में मूल निवास प्रमाण पत्र एवं धारा 371 लागू की जाए।
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बलात्कार के चार और दहेज हत्या के पांच मामले
पिछले एक महीने में टिहरी में एक, चमोली में दो एवं रुद्रप्रयाग में बलात्कार का एक मामला सामने आया है, जबकि दहेज हत्या में पिछले एक महीने के भीतर टिहरी में एक, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में दो-दो मामले सामने आ चुके हैं।
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