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अस्पताल में बेड के लिए मरीज करते रह गए घंटों इंतजार
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:20 PM IST
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पौड़ी। डाक्टरों और जीवन रक्षक उपकरणों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। बुधवार को अस्पताल में बेड खाली न होने से कुछ मरीज घंटों इंतजार करते रहे। अस्पताल में अपने चार वर्षीय बच्चे को इलाज के लिए लेकर पहुंची कफलना गांव निवासी रोशनी देवी के मुताबिक बच्चे को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत पर डाक्टर ने अस्पताल में भर्ती करने को कहा है, लेकिन अस्पताल की ओर से बताया जा रहा है कि कोई बेड खाली नहीं है। नागरिक कल्याण मंच के संयोजक केदार सिंह गुसाईं ने कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं जल्द न सुधरीं तो मंच इसके विरोध में डीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू करने को बाध्य होगा।
जिला अस्पताल में दोपहर ढाई बजे अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ बरामदे में बैठी रोशनी देवी ने कहा कि उसका बेटा आरभ लगातार उल्टी कर रहा है। उसे बुखार भी है। बुधवार सुबह अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. विनोद को दिखाया था। डाक्टर ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी है, लेकिन सुबह दस बजे से यहां बैठी हूं ताकि कोई बेड खाली हो और वह अपने बच्चे को अस्पताल में भर्ती करा सके। रोशनी देवी ने कहा कि अस्पताल कर्मियों ने बताया कि कोई बेड खाली नहीं है। बेड खाली होने पर ही बच्चे को भर्ती किया जा सकेगा। स्थानीय सुमति देवी व पंकज ने कहा कि सुबह से कुछ अन्य मरीजों को भी भर्ती करने से यह कहकर वापस लौटा दिया गया है कि अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं है। नागरिक कल्याण मंच के संयोजक केदार सिंह गुसाईं ने कहा कि जिला अस्पताल में लगभग एक साल से कोई फिजिशियन नहीं है। कुछ डाक्टर ऐसे हैं, जो ओपीडी में बैठते नहीं। अस्पताल में करीब डेढ़ करोड़ की लागत से इसी साल मार्च में डिजिटल एक्सरे मशीन लाई गई है, लेकिन यह मशीन अब तक चालू नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टर अधिकतर दवाएं भी बाहर की लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इस अव्यवस्था के खिलाफ उन्होंने बृहस्पतिवार को मंच की बैठक बुलाई है। इसके बाद इसके विरोध में डीएम कार्यालय के पास धरना शुरू किया जाएगा।
अस्पताल में बेड की कमी नहीं है। मरीजों को इस संबंध में मुझे अवगत कराया जाना चाहिए था। यदि बेड नहीं था तो इसकी कहीं न कहीं से व्यवस्था करा दी जाती। -डा. रमेश सिंह राणा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल पौड़ी।
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जिला अस्पताल में दोपहर ढाई बजे अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ बरामदे में बैठी रोशनी देवी ने कहा कि उसका बेटा आरभ लगातार उल्टी कर रहा है। उसे बुखार भी है। बुधवार सुबह अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. विनोद को दिखाया था। डाक्टर ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी है, लेकिन सुबह दस बजे से यहां बैठी हूं ताकि कोई बेड खाली हो और वह अपने बच्चे को अस्पताल में भर्ती करा सके। रोशनी देवी ने कहा कि अस्पताल कर्मियों ने बताया कि कोई बेड खाली नहीं है। बेड खाली होने पर ही बच्चे को भर्ती किया जा सकेगा। स्थानीय सुमति देवी व पंकज ने कहा कि सुबह से कुछ अन्य मरीजों को भी भर्ती करने से यह कहकर वापस लौटा दिया गया है कि अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं है। नागरिक कल्याण मंच के संयोजक केदार सिंह गुसाईं ने कहा कि जिला अस्पताल में लगभग एक साल से कोई फिजिशियन नहीं है। कुछ डाक्टर ऐसे हैं, जो ओपीडी में बैठते नहीं। अस्पताल में करीब डेढ़ करोड़ की लागत से इसी साल मार्च में डिजिटल एक्सरे मशीन लाई गई है, लेकिन यह मशीन अब तक चालू नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टर अधिकतर दवाएं भी बाहर की लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इस अव्यवस्था के खिलाफ उन्होंने बृहस्पतिवार को मंच की बैठक बुलाई है। इसके बाद इसके विरोध में डीएम कार्यालय के पास धरना शुरू किया जाएगा।
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अस्पताल में बेड की कमी नहीं है। मरीजों को इस संबंध में मुझे अवगत कराया जाना चाहिए था। यदि बेड नहीं था तो इसकी कहीं न कहीं से व्यवस्था करा दी जाती। -डा. रमेश सिंह राणा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल पौड़ी।
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