{"_id":"5c7170eebdec2273a83bae46","slug":"111550938350-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 फीसदी बढ़ गया है पानी का बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 फीसदी बढ़ गया है पानी का बिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
15 फीसदी बढ़ गया है पानी का बिल
श्रीनगर। जल संस्थान ने पानी की बढ़ी दरों के आधार पर बिल वसूलना शुरू कर दिया है। बिलों में 15 फीसदी बढ़ोत्तरी की पूर्व सूचना न देने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। बिल में बकाया राशि दर्शाए जाने पर उपभोक्ता जल संस्थान के ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
जल संस्थान सब डिवीजन से जुड़े लगभग साढ़े पांच हजार उपभोक्ता हैं। संस्थान ने इस फरवरी जो बिल भेजे हैं, उसमें जलकर के साथ बकाया राशि भी दर्शायी गई है। सहायक अभियंता कृष्णकांत ने बताया कि बिलों में हर साल 15 फीसदी वार्षिक वृद्धि होती है, लेकिन 12 अप्रैल 2018 को शासनादेश जारी कर प्रतिवर्ष होने वाली वृद्धि स्थगित कर दी गई थी। इस शासनदेश को 28 नवंबर को स्थगित कर दिया गया है। शासनदेश के अनुपालन में मुख्य महाप्रबंधक ने एक अप्रैल 2018 से पूर्व की व्यवस्था के अनुसार दरों में वृद्धि कर बकाया सहित बिल लेने के निर्देश दिए हैं। एक अप्रैल 2018 से 30 सितंबर 2018 तक की वृद्धि अवशेष धनराशि एक दिसंबर 2018 से 31 जनवरी 2019 तक के बिलों में जोड़ी गई है। इसलिए बिलों में बकाया आया है।
विज्ञापन
श्रीनगर। जल संस्थान ने पानी की बढ़ी दरों के आधार पर बिल वसूलना शुरू कर दिया है। बिलों में 15 फीसदी बढ़ोत्तरी की पूर्व सूचना न देने से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। बिल में बकाया राशि दर्शाए जाने पर उपभोक्ता जल संस्थान के ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
जल संस्थान सब डिवीजन से जुड़े लगभग साढ़े पांच हजार उपभोक्ता हैं। संस्थान ने इस फरवरी जो बिल भेजे हैं, उसमें जलकर के साथ बकाया राशि भी दर्शायी गई है। सहायक अभियंता कृष्णकांत ने बताया कि बिलों में हर साल 15 फीसदी वार्षिक वृद्धि होती है, लेकिन 12 अप्रैल 2018 को शासनादेश जारी कर प्रतिवर्ष होने वाली वृद्धि स्थगित कर दी गई थी। इस शासनदेश को 28 नवंबर को स्थगित कर दिया गया है। शासनदेश के अनुपालन में मुख्य महाप्रबंधक ने एक अप्रैल 2018 से पूर्व की व्यवस्था के अनुसार दरों में वृद्धि कर बकाया सहित बिल लेने के निर्देश दिए हैं। एक अप्रैल 2018 से 30 सितंबर 2018 तक की वृद्धि अवशेष धनराशि एक दिसंबर 2018 से 31 जनवरी 2019 तक के बिलों में जोड़ी गई है। इसलिए बिलों में बकाया आया है।
विज्ञापन