{"_id":"5c9f92bbbdec221428362d15","slug":"101553961659-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के दिन बहुरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के दिन बहुरे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के हालात में लंबे समय के बाद सुधार हुआ है। विभाग में नई फोर डी अल्ट्रासाउंड मशीन और नई एक्सरे मशीन लगा दी गई है। सीटी स्कैन मशीन के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। वहीं बार्क की सिफारिश के अनुसार विभाग को रेडिएशन फ्री कर दिया गया है।
बेस अस्पताल में लंबे इंतजार के बाद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है। अस्पताल में पुराने उपकरणों की वजह से मरीजों को ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसको देखते हुए विभागाध्यक्ष डा. बीडी एरोनी ने विभाग से नए उपकरणों की मांग की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए संस्थान ने नई मशीनों की खरीद की है।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि विभाग में आधुनिकतम अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई है। इसके अलावा डिजिटल एक्सरे मशीन, सीआर (कंप्यूडेटेट रेडियोग्राफी) और 300 एमए की एक्सरे मशीन भी स्थापित की गई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पूरे विभाग को रेडिएशन फ्री कर दिया गया है। ताकि यहां आने वाले मरीज और स्टाफ को एक्सरे से निकलने वाली हानिकारक किरणों से नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि पूर्व में बार्क (भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर) की टीम ने रेडियोडायग्नोसिस विभाग का निरीक्षण किया था। टीम ने जो भी सुझाव दिए थे, उसके अनुसार विभाग में सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं।
विज्ञापन
बेस अस्पताल में लंबे इंतजार के बाद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है। अस्पताल में पुराने उपकरणों की वजह से मरीजों को ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसको देखते हुए विभागाध्यक्ष डा. बीडी एरोनी ने विभाग से नए उपकरणों की मांग की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए संस्थान ने नई मशीनों की खरीद की है।
विज्ञापन
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि विभाग में आधुनिकतम अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई है। इसके अलावा डिजिटल एक्सरे मशीन, सीआर (कंप्यूडेटेट रेडियोग्राफी) और 300 एमए की एक्सरे मशीन भी स्थापित की गई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पूरे विभाग को रेडिएशन फ्री कर दिया गया है। ताकि यहां आने वाले मरीज और स्टाफ को एक्सरे से निकलने वाली हानिकारक किरणों से नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि पूर्व में बार्क (भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर) की टीम ने रेडियोडायग्नोसिस विभाग का निरीक्षण किया था। टीम ने जो भी सुझाव दिए थे, उसके अनुसार विभाग में सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं।