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Uk: हल्द्वानी में बाघ की दहशत, बुजुर्ग महिला की मौत के बाद जंगल जाने से डरीं महिलाएं

Sat, 14 Feb 2026 10:08 AM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Sat, 14 Feb 2026 10:08 AM IST
सार

हल्द्वानी के पीपलपोखरा में बाघ के हमले से गांव में दहशत बनी हुई है। खौफ के बीच गांव की महिलाओं ने जंगल से दूरी बना ली है।

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Tiger terror in Haldwani, women scared to go to forest after death of elderly woman
हल्द्वानी ब्लाक के पीपलपोखरा गांव में बाघ के हमले में मारी गई गंगा देवी के घर पर शोकाकुल परिजन व ग्रामीण। - फोटो : संवाद

विस्तार

हल्द्वानी के पीपल पोखरा निवासी गंगा देवी की बृहस्पतिवार को बाघ के हमले में हुई मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। गांव में पसरा सन्नाटा लोगों में बाघ की दहशत बताने के लिए काफी है। खौफ के बीच गांव की महिलाओं ने जंगल से दूरी बना ली है।

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अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को मृतका गंगा देवी के घर पर पहुंचकर उनके परिजनों और वहां मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की। परिजनों का कहना है कि भगवान ऐसा दिन किसी को भी ना दिखाए। ग्रामीणों का कहना था कि पशुपालन से जुड़ी महिलाओं का जंगल जाना उनकी मजबूरी है। यदि सरकार चारा-पत्ती की व्यवस्था करा दे तो महिलाओं के कदमों को जंगल की ओर बढ़ने से रोका जा सकता है।

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कभी सपने में भी नहीं सोचा था यह दिन भी देखने को मिलेगा। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सरकार और विभाग अपने स्तर पर ऐसा काम करें कि पशुपालन से जुड़े लोग जंगल की ओर जाएं ही नहीं। - प्रेम भारती, मृतका के पति

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बाजार में चारा और भूसा काफी महंगा है। ऐसे में भूसा खरीदकर पशुपालन संभव नहीं है। मजबूरन पशुपालक जंगल में घास लेने जाते हैं। यदि सरकार पशुपालकों को अनुदान पर चारा भूसा उपलब्ध कराए तो क्यों कोई जान जोखिम में डालकर जंगल नहीं जाएगा। - विपिन चंद्र जोशी स्थानीय निवासी

पहाड़ से लेकर भाबर तक मानव वन्य जीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। कई लोगों की जान जा चुकी है। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। विशेष रूप से पशुपालन से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं का प्रभावी तरीके से हल होना चाहिए। -गीता पांडे स्थानीय निवासी

जब भी वन क्षेत्राधिकारी को फोन करो तो उनका फोन रिसीव नहीं होता। इससे प्रतीत होता है कि वन विभाग के अधिकारी इस तरह की घटनाओं के प्रति गंभीर नहीं है। विभागीय अधिकारियों को ऐसे मामलों का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। -नीरज तिवारी निवासी फतेहपुर

जंगल में लगाए 12 ट्रैप कैमरे और दो पिंजरे

गंगा देवी को मौत के घाट उतारने वाले बाघ को पकड़ने के लिए फतेहपुर रेंज के जंगल में दो पिंजरे लगाए गए हैं। इसके अलावा बाघ के मूवमेंट का पता करने के लिए घटनास्थल और आसपास के जंगल में 12 ट्रैप कैमरे लगाए जा चुके हैं। हालांकि अब तक बाघ का पता नहीं चला है। डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने बताया कि फतेहपुर रेंज के जंगल में वन विभाग की दो टीमें गश्त कर रही हैं। दल में ट्रेंकुलाइज करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। लोगों से अपील है कि वे जंगल न जाएं। यदि कहीं बाघ और तेंदुए की मौजूदगी हो तो इसकी सूचना विभाग को दें। माई सिटी रिपोर्टर

मृतका के पति के खाते में डाली मुआवजा राशि

प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर बाद शासन की ओर से निर्धारित दस लाख रुपये की मुआवजा राशि मृतका गंगा देवी के पति प्रेम भारती के खाते में जमा करा दी गई है।

गमगीन माहौल गंगा देवी को दी गई समाधि

शुक्रवार को बेहद गमगीन माहौल में गंगा देवी की अंतिम यात्रा उनके पीपल पोखरा स्थित आवास से गांधी आश्रम के समीप तक निकाली गई। बाद में पास में स्थित जंगल में मृतका को समाधि दी गई। इस दौरान मृतका के पुत्रों के अलावा नाते रिश्तेदार व विधायक सुमित ह्रदयेश, भाजपा नेता सुरेश तिवारी, कांग्रेस नेता नीरज तिवारी, पीपलपोखरा के प्रधान विनोद निगल्टिया, हेमू पडलिया, गणेश भंडारी, शशांक शर्मा आदि मौजूद रहे।

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