Rajaji Tiger Reserve: राजाजी पार्क में कैसे बढ़ेगा बाघों का कुनबा, चिंता में वनाधिकारी; ऐसे रखी जा रही नजर
राजाजी पार्क के मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में बाघों के कुनबे को बढ़ाने के लिए कॉर्बेट पार्क से दो बाघ व तीन बाघिन को भेजा जाना है। अब तक दो बाघिन व एक बाघ को भेजा गया, लेकिन अभी तक राजाजी पार्क के उस क्षेत्र में बाघों का कनुबा नहीं बढ़ा।
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रामनगर के राजाजी पार्क के मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में बाघों के कुनबे को बढ़ाने के लिए कॉर्बेट पार्क से दो बाघ व तीन बाघिन को भेजा जाना है। अब तक दो बाघिन व एक बाघ को भेजा गया, लेकिन अभी तक राजाजी पार्क के उस क्षेत्र में बाघों का कनुबा नहीं बढ़ा, जो चिंताजनक है।
कॉर्बेट पार्क से अब तक एक या दो साल की बाघिन को राजाजी पार्क भेजा गया था, जिनके द्वारा एक बार भी शावको को जन्म दिया गया था। राजाजी पार्क पहुंचने के बाद भी बाघिन व बाघ संपर्क में नहीं आ रहे है। इस कारण राजाजी पार्क में बाघों का कुनबा नहीं बढ़ रहा है। अभी कॉर्बेट पार्क से एक बाघ व एक बाघिन को भेजा जाना है। ऐसे में कॉर्बेट पार्क की ओर से सभी जाेनों से सात से आठ बाघ व बाघिन को चिन्हित किया गया है। ऐसी बाघिन को पकड़ जाएगा जो दो से तीन बार शावको को जन्म दे चुकी हो।
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दो बाघिन व एक बाघ को भेजे दो साल हो गए
कॉर्बेट पार्क से 23 दिसंबर 2020 को बिजरानी रेंज से एक बाघिन और 6 जनवरी 2021 को झिरना रेंज से एक बाघ को शिफ्ट किया था। इसके बाद 16 मई 2023 को एक और बाघिन भेजा चुका है। झिरना व बिजरानी से भेजे गए बाघ-बाघिन को दो साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक कनुबा नहीं बढ़ा। राजाजी पार्क के वनाधिकारियों की टीम कैमरा ट्रैप के माध्यम से बाघों पर नजर रखे हुए है।
कॉर्बेट पार्क से आए दो बाघिन व एक बाघ पूरी तरह से स्वस्थ है और शिकार कर रहे है। सभी पर नजर रखी जा रही है। अभी तक पार्क के मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में बाघों का कुनबा नहीं बढ़ा पाया है। उम्मीद है कि जल्द सीटीआर से आने वाले बाघ व बाघिन से पार्क के इस क्षेत्र में कुनबा बढ़े। - डा. साकेत बडोला, निदेशक राजाजी पार्क