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आदमखोर बाघिन को मारने के आदेश

Wed, 28 Sep 2016 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर Updated Wed, 28 Sep 2016 12:47 AM IST
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The order to kill man-eating tigress
निदेशक से बाघ को मारने के लिए लिखित आदेश की बात करती महिला - फोटो : अमर उजाला

ग्राम तल्ला गौजानी, गोरखपुर व सेमलखलिया क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने आदमखोर को मारने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को सुबह से शाम तक सीटीआर कार्यालय में जमकर हंगामा काटा।

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उन्होंने ढेला और झिरना जोन में तालाबंदी कर पर्यटकों की आवाजाही ठप करा दी। वे आदमखोर को मारने और ग्रामीणों को मारने का अधिकार देने की मांग पर अड़े रहे। इस बीच सीटीआर निदेशक और डीएफओ से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई।
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ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए देर शाम पीसीसीएफ ने आदमखोर बाघिन को मारने के आदेश जारी कर दिए। उसके बाद ग्रामीण अपने घरों को लौट गए।

ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह साढ़े छह कार्बेट पार्क के ढेला और झिरना गेट बंद कर सैलानियों की आवाजाही ठप कर दी। दोनों गेट दो घंटे बंद करने के बाद ईको सेंसेटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति के तत्वावधान में सैकड़ों ग्रामीण वाहनों से रानीखेत रोड स्थित वन परिसर में आ धमके।
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वहां हंगामेदार जनसभा के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभागीय अफसर हमलावर बाघ और तेंदुए को मारना नहीं चाहते। यही वजह है कि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका।

कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर जनविरोधी नीतियां लागू कर वनों से ग्रामीणों के अधिकार समाप्त कर रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों को वन्यजीवों को मारने का अधिकार मिलना चाहिये।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों की कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक सुरेंद्र मेहरा और डीएफओ कहकशां नसीम से तीखी नोक-झोंक भी हुई। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक आदमखोर को मारा नहीं जाएगा और आबादी में आने वाले वन्यजीवों को मारने का अधिकार ग्रामीणों को नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन समाप्त नही होगा।

वे शाम तक सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। शाम सात बजे ग्रामीणों ने महिलाओं को घर भेज दिया और सीटीआर परिसर में रात भर धरना देने के लिए टेंट मंगवा लिया।

सवा सात बजे देहरादून से पीसीसीएफ (वन्यजीव) दिग्विजय सिंह खाती का आदमखोर हो चुकी बाघिन को मारने का आदेश डीएफओ के पास पहुंचा। डीएफओ ने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी और जल्द बाघ के आतंक से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण धरना समाप्त कर घरों को लौट गए।


इस दौरान ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, प्रभात ध्यानी, मुनीष कुमार, ललित उप्रेती, मनमोहन बिष्ट, डा धनेश्वरी घिल्डियाल, महेश जोशी, भावना भट्ट, रेवती सुंदरियाल, मनमोहन अग्रवाल, पीसी जोशी, वाजिद अली, किशोरी लाल, शोभा जोशी आदि मौजूद रहे।

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