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Nainital News: फल और सब्जियों की खेती में कारगर साबित हो रही मल्चिंग पेपर विधि
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नैनीताल। फल और सब्जियों की खेती में कम लागत और पैदावार बढ़ाने की दिशा में मल्चिंग पेपर विधि किफायती और प्रभावी साबित हो रही है। यह विधि न केवल श्रम की बचत करती है बल्कि पानी की खपत को भी काफी हद तक नियंत्रित करती है। इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ज्योलीकोट में प्रायोगिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
मल्चिंग विधि में मिट्टी की सतह को प्लास्टिक की चादरों या अन्य जैविक सामग्री से ढक दिया जाता है। फल और सब्जियों की खेती के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए मल्चिंग पेपर का उपयोग इस विधि को और अधिक प्रभावी बनाता है। मल्चिंग पेपर बिछाने के बाद खरपतवारों की वृद्धि रुक जाती है जिससे निराई-गुड़ाई पर लगने वाले श्रम और समय की बचत होती है। ह मिट्टी से होने वाले वाष्पीकरण को कम करता है जिससे पानी की आवश्यकता कम हो जाती है। यह उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां पानी की कमी एक बड़ी समस्या है। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों में शिमला मिर्च, टमाटर और बैगन आदि पर इस विधि के प्रायोगिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य किसानों को इस विधि के फायदों से अवगत कराना और इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- मल्चिंग पेपर विधि किसानों के लिए सब्जियां उगाने के लिए एक लाभदायक तरीका है। केवीके में इसका सफल प्रयोग किया गया है। किसानों को भी इस विधि के बारे में बताया जा रहा है।
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- डॉ. दीपाली तिवारी, उद्यान वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट
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मल्चिंग विधि में मिट्टी की सतह को प्लास्टिक की चादरों या अन्य जैविक सामग्री से ढक दिया जाता है। फल और सब्जियों की खेती के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए मल्चिंग पेपर का उपयोग इस विधि को और अधिक प्रभावी बनाता है। मल्चिंग पेपर बिछाने के बाद खरपतवारों की वृद्धि रुक जाती है जिससे निराई-गुड़ाई पर लगने वाले श्रम और समय की बचत होती है। ह मिट्टी से होने वाले वाष्पीकरण को कम करता है जिससे पानी की आवश्यकता कम हो जाती है। यह उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां पानी की कमी एक बड़ी समस्या है। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों में शिमला मिर्च, टमाटर और बैगन आदि पर इस विधि के प्रायोगिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य किसानों को इस विधि के फायदों से अवगत कराना और इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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- मल्चिंग पेपर विधि किसानों के लिए सब्जियां उगाने के लिए एक लाभदायक तरीका है। केवीके में इसका सफल प्रयोग किया गया है। किसानों को भी इस विधि के बारे में बताया जा रहा है।
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- डॉ. दीपाली तिवारी, उद्यान वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट