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Nainital News: सांसद ने प्रमुख सचिव से की बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने पर चर्चा
Sun, 05 Jan 2025 01:50 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 05 Jan 2025 01:50 AM IST
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फोटो - बिंदुखत्ता राजस्व गांव की मांग को लेकर क्षेत्रीय सांसद को ज्ञापन देते वनाधिकार समिति के
- फोटो : तहसील परिसर में अपनी मांगाें को लेकर धरना देते लेखपाल और कानूनगो।
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाए जाने की बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर वन अधिकार समिति ने क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट को ज्ञापन सौंपा। इसमें वनाधिकार कानून (एफआरए) के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की गई है। सांसद ने प्रमुख सचिव राजस्व सुरेंद्र नारायण पांडे से दूरभाष पर वार्ता कर जनभावनाओं के अनुरूप अधिसूचना जारी जारी करने की मांग की है।
सांसद ने कहा कि उन्होंने इस मामले केा वर्ष 2019 में संसद में उठाया था। उन्होंने प्रमुख सचिव से कहा कि जिलास्तरीय समिति और डीएफओ की सहमति मिलने के बाद अब इस मुद्दे पर देरी करना अनुचित है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एफआरए की धारा 6(6) के अनुसार डीएलसी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है इसलिए अधिसूचना जारी करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है।
उन्होंने सचिव को यह भी बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा भी लंबित है। सांसद ने मौके से पत्र तैयार कर शासन को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा। साथ ही इसकी एक प्रति वन अधिकार समिति को भी सौंपी। वहां वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ, सचिव भुवन भट्ट, एडवोकेट बलवंत बिष्ट, गणेश कांडपाल, पूर्व सैनिक कैप्टन चंचल सिंह, प्रताप सिंह, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, मोहन सिंह धामी, कमल जोशी, पूरन बोरा आदि शामिल रहे। संवाद
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सांसद ने कहा कि उन्होंने इस मामले केा वर्ष 2019 में संसद में उठाया था। उन्होंने प्रमुख सचिव से कहा कि जिलास्तरीय समिति और डीएफओ की सहमति मिलने के बाद अब इस मुद्दे पर देरी करना अनुचित है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एफआरए की धारा 6(6) के अनुसार डीएलसी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है इसलिए अधिसूचना जारी करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है।
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उन्होंने सचिव को यह भी बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा भी लंबित है। सांसद ने मौके से पत्र तैयार कर शासन को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा। साथ ही इसकी एक प्रति वन अधिकार समिति को भी सौंपी। वहां वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ, सचिव भुवन भट्ट, एडवोकेट बलवंत बिष्ट, गणेश कांडपाल, पूर्व सैनिक कैप्टन चंचल सिंह, प्रताप सिंह, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, मोहन सिंह धामी, कमल जोशी, पूरन बोरा आदि शामिल रहे। संवाद
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