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Nainital News: माली के बेटे ने सींची कामयाबी की फसल
Sun, 26 Apr 2026 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 26 Apr 2026 12:06 AM IST
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किच्छा। नगर के सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र विक्रम ने हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा में 500 में से 467 अंक प्राप्त कर किच्छा टॉप किया है। स्कूल कमेटी की ओर से प्रबंधक संजीव खन्ना समेत शिक्षकों ने इस होनहार छात्र का स्वागत करके उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
विक्रम बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता सुंदर लाल माली हैं जबकि मां लक्ष्मी गृहिणी हैं। विक्रम का सपना है कि वह बड़ा होकर इंजीनियर बने।
विक्रम बताता है कि उसका घर स्कूल से चार-पांच किमी की दूरी पर है। पिछले वर्ष पिता ने किसी तरह प्रयास करके उसे पुरानी साइकिल दिलवाई जो खराब होने के कारण घर पर ही रखी है। वह घर से पैदल निकलता है अगर कोई लिफ्ट दे तो ठीक नहीं तो पैदल ही स्कूल जाता है।
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विक्रम ने बताया कि वह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता। घर की हालत अच्छी नहीं होने के कारण सीमित संसाधनों से ही जीवनयापन करना पड़ता है। वह स्कूल से वापस आने के बाद अपनी पढ़ाई में जुट जाता था।
पिता सुंदर लाल बताते हैं कि स्कूल कमेटी को जब अपनी आर्थिक हालत के बारे में बताया तो उन्होंने स्कूल फीस में डिस्काउंट दे दिया। शनिवार को जब माता-पिता को अपने पुत्र के परीक्षा में किच्छा टाॅप कर प्रदेश में 21वें स्थान पर आने की सूचना मिली तो वे फूले नही समाए। वह तुरंत ही अपना काम छोड़कर स्कूल पहुंचे।
विद्यालय प्रबंधक संजीव खन्ना, प्रधानाचार्य कैलाश चंद्र भट्ट, तुलसी प्रसाद सोराड़ी, भुवन जोशी, ओमपाल, मुकेश सहित विद्यालय परिवार ने विक्रम एवं उसके परिजनों को स्कूल में सम्मानित किया।
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विक्रम बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता सुंदर लाल माली हैं जबकि मां लक्ष्मी गृहिणी हैं। विक्रम का सपना है कि वह बड़ा होकर इंजीनियर बने।
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विक्रम बताता है कि उसका घर स्कूल से चार-पांच किमी की दूरी पर है। पिछले वर्ष पिता ने किसी तरह प्रयास करके उसे पुरानी साइकिल दिलवाई जो खराब होने के कारण घर पर ही रखी है। वह घर से पैदल निकलता है अगर कोई लिफ्ट दे तो ठीक नहीं तो पैदल ही स्कूल जाता है।
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विक्रम ने बताया कि वह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता। घर की हालत अच्छी नहीं होने के कारण सीमित संसाधनों से ही जीवनयापन करना पड़ता है। वह स्कूल से वापस आने के बाद अपनी पढ़ाई में जुट जाता था।
पिता सुंदर लाल बताते हैं कि स्कूल कमेटी को जब अपनी आर्थिक हालत के बारे में बताया तो उन्होंने स्कूल फीस में डिस्काउंट दे दिया। शनिवार को जब माता-पिता को अपने पुत्र के परीक्षा में किच्छा टाॅप कर प्रदेश में 21वें स्थान पर आने की सूचना मिली तो वे फूले नही समाए। वह तुरंत ही अपना काम छोड़कर स्कूल पहुंचे।
विद्यालय प्रबंधक संजीव खन्ना, प्रधानाचार्य कैलाश चंद्र भट्ट, तुलसी प्रसाद सोराड़ी, भुवन जोशी, ओमपाल, मुकेश सहित विद्यालय परिवार ने विक्रम एवं उसके परिजनों को स्कूल में सम्मानित किया।