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हाईकोर्ट पहुंचा डीपीसी से एसडीएम पदोन्नति मामला
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:30 AM IST
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सीधी भर्ती से नियुक्त हुए 13 एसडीएम ने डीपीसी से 35 कार्यवाहक एसडीएम की पदोन्नति प्रक्रिया के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस प्रकरण पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
मामले के अनुसार पिथौरागढ़ निवासी जयवर्धन शर्मा सहित 12 एसडीएम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि 17 जून 2016 को प्रमुख सचिव कार्मिक ने लोक सेवा आयोग को पत्र जारी कर 35 कार्यवाहक एसडीएम की डीपीसी कर पदोन्नति करने के निर्देश जारी किए।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वे एसडीएम के पद पर वर्ष 2014 में सीधी भर्ती के जरिए आए थे, जबकि 35 कार्यवाहक एसडीएम की यदि डीपीसी हुई तो उन्हें नीति के अनुसार इस पद पर 2012-13 की तिथि से ही पदोन्नति मिल जाएगी और वे याचिकाकर्ताओं से सीनियर हो जाएंगे।
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याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि इन पदों पर पदोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां दस जून को प्रमुख सचिव कार्मिक ने लिखित रूप में सूचित किया था कि उनके पास रिक्त पदों की कमी है अत: वे पदोन्नति की प्रक्रिया नहीं कर सकते। फिर भी 17 जून को प्रमुख सचिव कार्मिक ने लोक सेवा आयोग को पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने इन आधारों पर डीपीसी से पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
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मामले के अनुसार पिथौरागढ़ निवासी जयवर्धन शर्मा सहित 12 एसडीएम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि 17 जून 2016 को प्रमुख सचिव कार्मिक ने लोक सेवा आयोग को पत्र जारी कर 35 कार्यवाहक एसडीएम की डीपीसी कर पदोन्नति करने के निर्देश जारी किए।
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याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वे एसडीएम के पद पर वर्ष 2014 में सीधी भर्ती के जरिए आए थे, जबकि 35 कार्यवाहक एसडीएम की यदि डीपीसी हुई तो उन्हें नीति के अनुसार इस पद पर 2012-13 की तिथि से ही पदोन्नति मिल जाएगी और वे याचिकाकर्ताओं से सीनियर हो जाएंगे।
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याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि इन पदों पर पदोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां दस जून को प्रमुख सचिव कार्मिक ने लिखित रूप में सूचित किया था कि उनके पास रिक्त पदों की कमी है अत: वे पदोन्नति की प्रक्रिया नहीं कर सकते। फिर भी 17 जून को प्रमुख सचिव कार्मिक ने लोक सेवा आयोग को पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने इन आधारों पर डीपीसी से पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।