फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Terai has moved towards a new revolution of greenery through seed bombs

Haldwani: तराई में बरसेंगे सीड बम, फूटेंगी हरियाली की कोपलें; 15 को चलेगा विशेष अभियान, ऐसे किया जाता है तैयार

Fri, 11 Jul 2025 10:51 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 11 Jul 2025 10:51 AM IST
सार

तराई पूर्वी वन प्रभाग पौधों की पारंपरिक रोपाई के बजाय बीज बम के जरिये हरियाली की एक नई क्रांति की ओर बढ़ चला है। तीन साल पहले की गई पहल के सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब शासन के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

विज्ञापन
Terai has moved towards a new revolution of greenery through seed bombs
बीज बम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तराई पूर्वी वन प्रभाग पौधों की पारंपरिक रोपाई के बजाय बीज बम के जरिये हरियाली की एक नई क्रांति की ओर बढ़ चला है। तीन साल पहले की गई पहल के सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब शासन के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। 15 जुलाई को वन प्रभाग के 18 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज बम बरसाने की तैयारी है।

विज्ञापन

वन अनुसंधान ने वर्ष 2023 में बीज बम का कांसेप्ट दिया था। इसके बाद इस बीज बम को तैयार कर ड्रोन के जरिये दुर्गम जंगलों में फेंका गया था। तीन साल विभागीय पड़ताल में जंगल बढ़ा मिला। अब अभियान चलाकर एक बार फिर इसी तर्ज पर वनों को बढ़ाने की कवायद तेज हाे चुकी है। शासन इसके लिए बुधवार से ही अभियान शुरू कर चुका है।

विज्ञापन

आज से तैयार होंगे बीज
शासन के निर्देश पर 11 जुलाई को बीज बम बनाए जाएंगे। 12 जुलाई को चयनित जगह को अंतिम रूप दिया जाएगा। 13 और 14 जुलाई को बीज बम को सुखाने का काम होगा। 15 जुलाई को बीज बम को चयनित स्थानों पर डालने का काम होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे किया जाता है तैयार
वर्मी कंपोस्ट और मिट्टी को बराबर मात्रा में पानी में मिलाया जाता है। फिर इसे पॉटिंग क्ले की लोई में रखकर सुखाया जाता है। बीज बम में जामुन, आम, नीम, कुसुम के बीजों का प्रयोग किया जा रहा है ताकि वन्यजीवों को जंगल में ही भोजन मिल सके।

ऐसे काम करता है बीज बम
वनाधिकारियों के अनुसार मिट्टी और वर्मी कंपोस्ट से बना यह बम (गोला) नमी मिलते ही टूटने लगता है। गोले के अंदर रखे बीज को पनपने के लिए खाद, मिट्टी, पानी तीनों मिलते हैं। इससे बीज अंकुरित होकर पौधा बनकर बिना शोर किए हरियाली की गूंज छोड़ जाएगा।

प्रभाग के नौ रेंजों में दो-दो हेक्टेयर जंगल का चयन कर लिया गया है। इन जगहों पर पौध रोपण होना है। यहां बीज बम के जरिये जंगल बढ़ाया जाएगा। सभी रेंज के वनाधिकारी को तैयारियां करने का निर्देश दिए जा चुके हैं। - हिमांशु बागरी, डीएफओ-तराई पूर्वी वन प्रभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed