हल्द्वानी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो नंदन सिंह की अदालत ने नाबालिग के दुष्कर्म मामले में दोषी को दस साल की सजा से दंडित किया। अदालत ने तीस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी के अनुसार 30 मई 2017 को पीड़िता की बहन ने मुकदमा दर्ज कर पुलिस को बताया था कि उसकी 16 साल की छोटी बहन 24 मई 2017 को उसके घर रहने के लिए आई थी। 29 मई की शाम वह लापता हो गई। पुलिस ने सात नवंबर को पुलिस किशोरी को एक व्यक्ति के साथ बाजपुर बस अड्डा कालाढूंगी रोड से बरामद कर लिया। किशोरी ने पुुलिस को बताया कि उसे बरेली जिले के शिवनगर वार्ड चार मणिनाथ सुभाषनगर निवासी नरेश कश्यप बहला फुसलाकर ले गया था। आरोपी ने उसे एक महीने तक सितारगंज में रखा और शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद उसे लेकर मुरादाबाद चला गया। पुलिस ने धारा, 363, 366, 376(2)(जे), धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर नरेश कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी का कहना था कि उसके रिश्तेदार ने भी छेड़खानी की थी। पुलिस ने नरेश और किशोरी के रिश्तेदार के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दिया। हालांकि अदालत में किशोरी ने अपने रिश्तेदार के खिलाफ बयान नहीं दिया। अदालत ने नरेश कश्यप को घटना का दोषी पाया और किशोरी के रिश्तेदार को छोड़ दिया। अदालत ने दोषी नरेश को धारा 376(2),(जे), धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल का कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 363 के तहत चार वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 के तहत सात वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने अर्थदंड की 30 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र भेजने का आदेश दिया।