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Nainital News: पर्यावरण बचाने के लिए खराब प्लास्टिक स्कूल ले जाते हैं विद्यार्थी
Fri, 19 Dec 2025 12:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 19 Dec 2025 12:26 AM IST
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ज्योलीकोट में संत एंथोनी स्कूल के विद्यार्थी व शिक्षिकाएं। फोटो विद्यालय
ज्योलीकोट(नैनीताल)। संत एंथोनी इंटर कॉलेज ने पर्यावरण बचाने के लिए पहल की है। विद्यार्थी स्कूल बैग के साथ घर का निष्प्रयोज्य प्लास्टिक भी स्कूल ले जाते हैं। इसे विद्यालय प्रबंधन की ओर से रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है। विद्यार्थी लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूक भी करते हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने लगभग दो वर्ष पूर्व इस पहल की शुरुआत की। इसी क्रम में विद्यार्थी घर का निष्प्रयोज्य प्लास्टिक विद्यालय ले जाकर वहां बने विशेष बॉक्स में डालते हैं। सीमित विद्यार्थी से शुरू यह पहल अब रंग लाने लगी है। विद्यालय प्रबंधन की ओर से इसे बड़े बैगों में भरकर काठगोदाम स्थित सुचेतना समाज सेवा केंद्र में रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है। पिछले दो वर्षों में बड़ी मात्रा में कूड़े का उचित प्रबंधन किया गया है। इसके अलावा विद्यालय की ओर से प्लास्टिक उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण के लिए समय-समय पर नुक्कड़ नाटक किए जाते हैं। पेपर और कपड़े के थैले भी बांटे जाते हैं। प्रधानाचार्य मैरी और सिस्टर शोभा का कहना है कि छोटी कोशिशों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की जा सकती है। बच्चों को लगातार प्रोत्साहित करने के साकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
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विद्यालय प्रबंधन ने लगभग दो वर्ष पूर्व इस पहल की शुरुआत की। इसी क्रम में विद्यार्थी घर का निष्प्रयोज्य प्लास्टिक विद्यालय ले जाकर वहां बने विशेष बॉक्स में डालते हैं। सीमित विद्यार्थी से शुरू यह पहल अब रंग लाने लगी है। विद्यालय प्रबंधन की ओर से इसे बड़े बैगों में भरकर काठगोदाम स्थित सुचेतना समाज सेवा केंद्र में रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है। पिछले दो वर्षों में बड़ी मात्रा में कूड़े का उचित प्रबंधन किया गया है। इसके अलावा विद्यालय की ओर से प्लास्टिक उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण के लिए समय-समय पर नुक्कड़ नाटक किए जाते हैं। पेपर और कपड़े के थैले भी बांटे जाते हैं। प्रधानाचार्य मैरी और सिस्टर शोभा का कहना है कि छोटी कोशिशों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की जा सकती है। बच्चों को लगातार प्रोत्साहित करने के साकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
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