{"_id":"5e8a2cd98ebc3e72c4458dd3","slug":"sth-s-opd-will-shift-to-base-hospital-haldwani-news-hld3793309165","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेस अस्पताल में शिफ्ट होगी एसटीएच की ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेस अस्पताल में शिफ्ट होगी एसटीएच की ओपीडी
विज्ञापन
प्रतीकतात्मक फोटो।
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में इमरजेंसी सेवा भी बंद कर दी गई है। एसटीएच में सिर्फ कोरोना का इलाज होगा। अस्पताल में कोरोना संदिग्ध या संक्रमित को रखने के लिए 250 अतिरक्ति बेड बढ़ाए जाएंगे। एसटीएच की इमरजेंसी और विभाग बेस अस्पताल में शिफ्ट होंगे। गर्भवती महिलाएं महिला अस्पताल में जाएंगी।
डीएम सविन बंसल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसटीएच के ईएनटी, आर्थोपेडिक और नेत्र रोग विभाग और इमरजेंसी की सुविधा बेस अस्पताल में मिलेगी। एसटीएच के डॉक्टरों को भी बेस अस्पताल में ट्रांसफार्मर किया गया जाएगा। एसटीएच के गायनी विभाग के डाक्टरों को महिला अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।
कहा कि एसटीएच में 35 आईसीयू वेंटीलेटर के साथ तैयार हैं। सीएचसी और पीएचसी को मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने खरीदने के लिए बजट दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी एंबुलेंस अगर ज्यादा धनराशि वसूल रही है तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम पर दें। ज्यादा धनराशि वसूलने वाली एंबुलेंस को रास्ते में रोककर जांच की जाएगी और तथ्य सही मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बेस का नेत्र रोग विभाग सीतापुर अस्पताल में हो सकता है शिफ्ट
बेस अस्पताल का नेत्र रोग विभाग सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में शिफ्ट हो सकता है। बाल रोग विभाग 50 बेड से अधिक क्षमता वाले किसी भी प्राइवेट अस्पताल में संचालित किया जा सकता है। बेस अस्पताल में वेंटीलेटर, आईसीयू की आवश्यकता होती है, मगर सिर की गंभीर चोट, गन शाट आदि सुविधा न होने के कारण ऑपरेशन करना संभव नहीं है। आईसीयू न होने के कारण हृदय रोगियों का इलाज संभव नहीं है। मेडिसिन ओपीडी को श्री राम कैंसर इंस्टीट्यूट में शिफ्ट किया जा सकता है। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. हरीश लाल ने बताया कि इस पर विचार चल रहा है और डीएम के आदेश के बाद ही निर्णय होगा।
विज्ञापन
डीएम सविन बंसल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसटीएच के ईएनटी, आर्थोपेडिक और नेत्र रोग विभाग और इमरजेंसी की सुविधा बेस अस्पताल में मिलेगी। एसटीएच के डॉक्टरों को भी बेस अस्पताल में ट्रांसफार्मर किया गया जाएगा। एसटीएच के गायनी विभाग के डाक्टरों को महिला अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।
विज्ञापन
कहा कि एसटीएच में 35 आईसीयू वेंटीलेटर के साथ तैयार हैं। सीएचसी और पीएचसी को मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने खरीदने के लिए बजट दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी एंबुलेंस अगर ज्यादा धनराशि वसूल रही है तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम पर दें। ज्यादा धनराशि वसूलने वाली एंबुलेंस को रास्ते में रोककर जांच की जाएगी और तथ्य सही मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बेस का नेत्र रोग विभाग सीतापुर अस्पताल में हो सकता है शिफ्ट
बेस अस्पताल का नेत्र रोग विभाग सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में शिफ्ट हो सकता है। बाल रोग विभाग 50 बेड से अधिक क्षमता वाले किसी भी प्राइवेट अस्पताल में संचालित किया जा सकता है। बेस अस्पताल में वेंटीलेटर, आईसीयू की आवश्यकता होती है, मगर सिर की गंभीर चोट, गन शाट आदि सुविधा न होने के कारण ऑपरेशन करना संभव नहीं है। आईसीयू न होने के कारण हृदय रोगियों का इलाज संभव नहीं है। मेडिसिन ओपीडी को श्री राम कैंसर इंस्टीट्यूट में शिफ्ट किया जा सकता है। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. हरीश लाल ने बताया कि इस पर विचार चल रहा है और डीएम के आदेश के बाद ही निर्णय होगा।