स्कूल उच्चीकृत हो गया, प्रवेश एक भी नहीं
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अप्रैल से नया सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक स्कूल में नौवीं और दसवीं कक्षा में एक भी प्रवेश नहीं हो सका है, जबकि विभाग ने नई कक्षाओं को पढ़ाने के लिए एलटी शिक्षक भी नियुक्त कर रखा है।
नेशनल हाइवे पर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मोटाहल्दू को शासन ने अप्रैल में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उच्चीकृत कर दिया था। 1986 में बने स्कूल भवन में कुल पांच कक्ष हैं, जिनमें तीन कक्षों में छठी, सातवीं और आठवीं की कक्षाएं संचालित होती हैं।
फर्नीचर नहीं होने की वजह से विद्यार्थी दरी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। तीनों कक्षाओं में 41 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पांच शिक्षक नियुक्त हैं। नई कक्षाएं संचालित करने के लिए भवन में कक्ष ही नहीं हैं। शौचालय की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।
प्रधानाचार्य जीवन सिंह खत्री कहते हैं कि काफी प्रयास के बाद भी उच्चीकृत दोनों कक्षाओं में किसी भी विद्यार्थी का नामांकन नहीं हो सका है। नए नियुक्त शिक्षक फिलहाल छठी, सातवीं और आठवीं कक्षाओं को पढ़ा रहे हैं।
कंप्यूटर कक्ष बना स्टोर रूम, धूल फांक रहे कंप्यूटर
स्कूल में कक्षों का खासा अभाव है। इसके चलते एक कम्पयूटर कक्ष को स्टोर रुम बना दिया गया है। कक्ष में मिड-डे मील का राशन, गैस सिलेंडर, चूल्हा, अन्य सामानों के साथ एक मेज पर दो कंप्यूटर भी रखे हैं। लेकिन धूल फांक रहे कंप्यूटर सालों से खराब पड़े हैं। बच्चों ने बताया कि कभी-कभी उन्हें शिक्षक लैपटॉप में कंप्यूटर की जानकारी दे देते हैं।
स्कूल के आगे हाइवे और पीछे रेलवे
मोटाहल्दू के नेशनल हाइवे किनारे एक ही परिसर में राजकीय प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। दोनों विद्यालयों का अधिकांश हिस्सा हाइवे के अतिक्रमण में आ रहा है। विभाग ने विद्यालय परिसर में पीले रंग के पिलर भी लगा दिए हैं।
वर्तमान में हाइवे चौड़ीकरण का काम चल रहा है, ऐसे में कभी भी भवन तोड़े जाने को लेकर शिक्षक आशंकित हैं। स्कूल के पिछले हिस्से में रेलवे की जमीन है। ऐसे में भवन अगर टूटेंगे तो उन्हें बनाने के लिए नई जगह जमीन तलाशनी होगी।
शिक्षकों को पता नहीं, विद्यालय हो गया अपग्रेड
उच्च प्राथमिक विद्यालय को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उच्चीकृत करने की जानकारी शिक्षकों को तक नहीं थी। इसलिए जब आठवीं कक्षा के12 विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर अप्रैल में टीसी कटाने पहुंचे तो प्रधानाचार्य ने सभी की टीसी काट दी। जब 19 अप्रैल को एलटी शिक्षक जीएस रावत की नियुक्ति हुई तब जाकर उन्हें स्कूल उच्चीकृत होने का पता चला। प्रधानाचार्य जीवन सिंह खत्री कहते हैं कि अगर उच्चीकरण का पता होता तो बच्चों की टीसी काटने के बजाए उन्हें नई कक्षा में प्रवेश लेने को कह देते।
इंसेट:
कंप्यूटर पढ़ते हैं, मगर इसे छुआ तक नहीं
हल्द्वानी। आठवीं में पढ़ने वाले बच्चों के ज्ञान का स्तर भी जान लीजिए। किसी को यह पता नहीं था कि वे भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान या जीव विज्ञान पढ़ते हैं कि नहीं। कंप्यूटर का पाठ तो सब पढ़ते हैं, लेकिन कंप्यूटर पर किसी ने कभी हाथ ही नहीं चलाया।
कोट
उच्चीकृत कक्षाओं में एक भी विद्यार्थी का नामांकन नहीं होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। कक्षाओं को बंद करने पर भी विचार हो रहा है।
हरेंद्र मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी