{"_id":"60c521358ebc3e78e7669bce","slug":"reaching-the-fifth-floor-said-i-will-jump-the-police-saved-after-45-minutes-of-effort-haldwani-news-hld427525797","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांचवीं मंजिल में पहुंचकर बोला-मैं कूद जाऊंगा, पुलिस ने 45 मिनट की मशक्कत के बाद बचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांचवीं मंजिल में पहुंचकर बोला-मैं कूद जाऊंगा, पुलिस ने 45 मिनट की मशक्कत के बाद बचाया
विज्ञापन
हल्द्वानी। शनिवार सुबह एक युवक मुखानी चौराहा स्थित ब्लड बैंक बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। इससे वहां मौजूद लोग सकते में आए और पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने करीब 45 मिनट तक उसे मनाया और सुरक्षित नीचे उतार दिया। पुलिस ने काउंसलिंग कराने के बाद उसे परिजनो के हवाले कर दिया।
बिठौरिया नंबर एक निवासी 21 वर्षीय युवक सीआरपीएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट का बेटा है। मुखानी थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि शनिवार की सुबह दस बजे ब्लड बैंक की बिल्डिंग के मालिक ने उन्हें फोन कर बताया कि एक युवक पांचवीं मंजिल पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दे रहा है। वह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुुलिस ने हाथ जोड़कर उससे अनुरोध किया कि वह नीचे उतर जाए। उसकी हर मांग पूरी की जाएगी लेकिन युवक ने कहा कि हट जाओ। अब मैं जीना नहीं चाहता हूं।
थानाध्यक्ष ने तत्काल पुलिस की तीन टीमें गठित की। साथ ही वायरलेस कर कंट्रोल रूम से जाल भी मंगवा लिया। पुलिस की एक टीम उससे बातचीत करती रही, दूसरी छत पर चढ़ गई। इस दौरान वहां भीड़ इकट्ठा हो गई थी। थानाध्यक्ष युवक को बातों में उलझाए रखे। इस बीच पुलिस टीम ने छत पर चढ़कर युवक को दबोच लिया और सुरक्षित उतार लिया।
विज्ञापन
युवक को थाने लाने के बाद उसकी बहन, पिता और पार्षद को बुलाया गया। युवक के पिता ने बताया कि उनके इकलौते बेटे को मनोग्रसित बाध्यता विकास यानी ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर (ओसीडी) की बीमारी है। मानसिक अस्वस्थता के चलते वह परेशान है। इसके बाद मनोवैज्ञानिक डॉ. दुष्यंत अरोरा ने उसकी काउंसलिंग की। पता चला कि युवक की एक बहन भी पहले आत्महत्या कर चुकी है। युवक की मां का निधन हो गया है।
पुलिस के छूट गए पसीने
हल्द्वानी। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि पांचवीं मंजिल पर चढ़े युवक को बचाना एक चुनौतीपूर्ण काम था। डर लग रहा था कि कहीं कूद न जाएं। जॉल की भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। जैसे तैसे 45 मिनट में उसे पकड़ने में कामयाबी मिल सकी।
विज्ञापन
बिठौरिया नंबर एक निवासी 21 वर्षीय युवक सीआरपीएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट का बेटा है। मुखानी थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि शनिवार की सुबह दस बजे ब्लड बैंक की बिल्डिंग के मालिक ने उन्हें फोन कर बताया कि एक युवक पांचवीं मंजिल पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दे रहा है। वह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुुलिस ने हाथ जोड़कर उससे अनुरोध किया कि वह नीचे उतर जाए। उसकी हर मांग पूरी की जाएगी लेकिन युवक ने कहा कि हट जाओ। अब मैं जीना नहीं चाहता हूं।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष ने तत्काल पुलिस की तीन टीमें गठित की। साथ ही वायरलेस कर कंट्रोल रूम से जाल भी मंगवा लिया। पुलिस की एक टीम उससे बातचीत करती रही, दूसरी छत पर चढ़ गई। इस दौरान वहां भीड़ इकट्ठा हो गई थी। थानाध्यक्ष युवक को बातों में उलझाए रखे। इस बीच पुलिस टीम ने छत पर चढ़कर युवक को दबोच लिया और सुरक्षित उतार लिया।
विज्ञापन
युवक को थाने लाने के बाद उसकी बहन, पिता और पार्षद को बुलाया गया। युवक के पिता ने बताया कि उनके इकलौते बेटे को मनोग्रसित बाध्यता विकास यानी ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर (ओसीडी) की बीमारी है। मानसिक अस्वस्थता के चलते वह परेशान है। इसके बाद मनोवैज्ञानिक डॉ. दुष्यंत अरोरा ने उसकी काउंसलिंग की। पता चला कि युवक की एक बहन भी पहले आत्महत्या कर चुकी है। युवक की मां का निधन हो गया है।
पुलिस के छूट गए पसीने
हल्द्वानी। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि पांचवीं मंजिल पर चढ़े युवक को बचाना एक चुनौतीपूर्ण काम था। डर लग रहा था कि कहीं कूद न जाएं। जॉल की भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। जैसे तैसे 45 मिनट में उसे पकड़ने में कामयाबी मिल सकी।