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Nainital News: राइंका ढेला, ढिकुली और कालागढ़ बने बाघ रक्षक विद्यालय
Tue, 01 Oct 2024 06:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 01 Oct 2024 06:01 AM IST
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रामनगर। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कॉर्बेट पार्क की ओर से बाघ रक्षक सदस्य बनाए जा रहे है। इसी क्रम में राजकीय इंटर काॅलेज ढेला, ढिकुली और कालागढ़ के विद्यालयों को बाघ रक्षक विद्यालय घोषित किया गया है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघों की सुरक्षा के लिए पार्क की ओर से समय-समय पर योजना बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि एक अक्तूबर से शुरू हो रहे वन्यजीव सप्ताह के दौरान वन कर्मियों की टीम समय-समय पर विद्यालय जाकर बाघ रक्षा विषय पर गोष्ठी करेंगे।
विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को बाघ रक्षक सदस्य बनाकर उन्हें बाघ से सुरक्षित रहने और वन्यजीवों को सुरक्षित रखने की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों में वन्यजीवों और उनके संरक्षण को लेकर लाइब्रेरी बनाई जाएगी। लाइब्रेरी में मौजूद वन और वन्यजीवों की पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थी जागरूक होंगे। विद्यार्थियों को समय-समय पर पार्क का भ्रमण कराया जाएगा और उन्हें जंगल की जानकारी दी जाएगी। संवाद
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ग्रामीण, पर्यटक और कॉरपोरेट को जोड़ा जाएगा
बाघ रक्षक दल में स्थानीय ग्रामीण, पर्यटक और कॉरपोरेट को भी जोड़ा जाएगा। इनके अलावा स्थानीय कारोबारियों को भी बाघ रक्षक सदस्य बनाया जाएगा। बाघों की सुरक्षा के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। कॉरपोरेट के माध्यम से बाघ सुरक्षा के लिए बनने वाली योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाएगा। वहीं, जो पर्यटक वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करना चाहते है, वे भी कार्य कर सकते है।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघों की सुरक्षा के लिए पार्क की ओर से समय-समय पर योजना बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि एक अक्तूबर से शुरू हो रहे वन्यजीव सप्ताह के दौरान वन कर्मियों की टीम समय-समय पर विद्यालय जाकर बाघ रक्षा विषय पर गोष्ठी करेंगे।
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विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को बाघ रक्षक सदस्य बनाकर उन्हें बाघ से सुरक्षित रहने और वन्यजीवों को सुरक्षित रखने की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों में वन्यजीवों और उनके संरक्षण को लेकर लाइब्रेरी बनाई जाएगी। लाइब्रेरी में मौजूद वन और वन्यजीवों की पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थी जागरूक होंगे। विद्यार्थियों को समय-समय पर पार्क का भ्रमण कराया जाएगा और उन्हें जंगल की जानकारी दी जाएगी। संवाद
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ग्रामीण, पर्यटक और कॉरपोरेट को जोड़ा जाएगा
बाघ रक्षक दल में स्थानीय ग्रामीण, पर्यटक और कॉरपोरेट को भी जोड़ा जाएगा। इनके अलावा स्थानीय कारोबारियों को भी बाघ रक्षक सदस्य बनाया जाएगा। बाघों की सुरक्षा के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। कॉरपोरेट के माध्यम से बाघ सुरक्षा के लिए बनने वाली योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाएगा। वहीं, जो पर्यटक वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करना चाहते है, वे भी कार्य कर सकते है।