हल्द्वानी में पालतू कुत्ते बने खतरा: छह महीने में 3068 लोगों को काटा, अप्रैल में डॉग बाइट के सबसे अधिक मामले
हल्द्वानी में स्ट्रीट डॉग की अपेक्षा पालतू कुत्ते अब कहीं अधिक आक्रामक और हिंसक हो रहे हैं। बेस अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे पीड़ितों के आंकड़े यही बता रहे हैं। अप्रैल से सितंबर तक छह माह में कुत्तों के काटने के कुल 6,817 मामले रिकॉर्ड हुए हैं।
विस्तार
हल्द्वानी में स्ट्रीट डॉग की अपेक्षा पालतू कुत्ते अब कहीं अधिक आक्रामक और हिंसक हो रहे हैं। डॉग बाइट की घटनाओं के बाद बेस अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे पीड़ितों के आंकड़े तो यही बया कर रहे हैं। अप्रैल से सितंबर तक छह माह में कुत्तों के काटने के कुल 6,817 मामले रिकार्ड हुए हैं जिनमें 3,068 पालतू कुत्तों के तो 1,982 स्ट्रीट डॉग के हैं।
कुत्ते के काटने के आंकड़े
माह - पालतू - लावारिस
अप्रैल : 687 : 276
मई : 538 : 356
जून : 575 : 347
जुलाई : 469 : 368
अगस्त : 404 : 332
सितंबर :395 :303
डर, दर्द और तनाव बदल देता है व्यवहार
पशु चिकित्सकों के मुताबिक, पालतू कुत्ते भी डर, दर्द, तनाव, बीमार होने या फिर भोजन के दौरान आक्रामक हो सकते हैं। कुत्तों का प्रजनन काल साल में दो बार होता है। इस दौरान उनके हार्मोन में बदलाव होता है। ऐसे में भी कई बार पालतू कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं और घर वालों को काट लेते हैं।
कुत्तों के व्यवहार में बदलाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं। प्रजनन काल में उनके हार्मोन में बदलाव होता है। इससे भी वह खूंखार हो जाते हैं। पालतू कुत्तों का नियमित टीकाकरण और निगरानी जरूरी है। -डाॅ. आरके पाठक, वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी हल्द्वानी