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Nainital News: डेंगू की निशुल्क जांच के लिए अब देना होगा चार्ज
Tue, 13 Oct 2026 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:22 AM IST
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हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी लैब में एलाइजा जांच की किट न होने और मरीजों की जांच बंद होने के मामले में सुशीला तिवारी अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। अस्पताल प्रशासन सेंट्रल लैब में मरीजों की जांच कराने की बात कर रहा है। सुशीला तिवारी अस्पताल की सेंट्रल लैब निजी कंपनी पीओसीटी चलाती है। लिहाजा जो जांच अब तक निशुल्क हो रही थी, उस जांच के लिए मरीजों से पैसे लिए जाएंगे।
अमर उजाला में सोमवार को खबर प्रकाशित होने के बाद मेडिकल कॉलेज और सुशीला तिवारी अस्पताल में सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों और माइक्रोबायोलॉजी लैब इंचार्ज आदि के बीच जांच किट को लेकर मंत्रणा और जवाबदेही पर चर्चा रही। सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से कहा गया कि डेंगू मरीज का कार्ड टैस्ट होने के बाद एलाइजा जांच के लिए भेजने पर उसकी रिपोर्ट नहीं आ रही है। वहीं माइक्रोबायोलॉजी लैब से कहा गया कि सेंट्रल लैब में किट मौजूद हैं, तब तक जांच वहां से कराई जा सकती है। लैब इंचार्ज की ओर से यह भी बताया गया कि किट खत्म होने से 14 दिन पहले ही मांग पत्र पुणे लैब को भेज दिया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस बात पर नाराजगी जताई कि लैब में जांच किट नहीं होने की सूचना उच्चाधिकारियों को क्यों नहीं दी गई।
सेंट्रल लैब में 300 किट मौजूद
एसटीएच के सेंट्रल लैब से मिली जानकारी के अनुसार यहां डेंगू की एलाइजा टैस्ट के लिए 300 किट मौजूद हैं। यहां डेंगू एलाइजा टैस्ट की जांच का खर्च करीब 690 रुपये है। बाजार में पैथोलॉजी सेंटरों में यह जांच 950 से 1000 रुपये के बीच है। इधर एसटीएच के मेडिसिन विभाग में अभी भी डेंगू के तीन मरीज भर्ती हैं। वहीं बाल रोग विभाग में चार बच्चे भी भर्ती हैं, जिनकी एलाइजा जांच होनी है। इसके अलावा ओपीडी में भी आठ से 10 डेंगू के संदिग्ध मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। कार्ड टैस्ट में रिपोर्ट पॉजीटिव भी आ रही है।
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- माइक्रोबायोलॉजी समेत सभी विभागों को कहा गया है कि भविष्य में अगर किसी आवश्यक उपकरण की कमी होती है तो उच्चाधिकारियों को तुरंत सूचना दें। फिलहाल जो मरीज आएंगे उन्हें रियायती दरों पर या निशुल्क जांच व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी। - प्रो. अरुण जोशी, एमएस, एसटीएच
मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग को व्यवस्था बनाने और जल्द किट की व्यवस्था करने को कहा गया है। दो-चार दिन के भीतर किट उपलब्ध हो जाएगी। प्रो. अजय आर्या, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी।
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अमर उजाला में सोमवार को खबर प्रकाशित होने के बाद मेडिकल कॉलेज और सुशीला तिवारी अस्पताल में सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों और माइक्रोबायोलॉजी लैब इंचार्ज आदि के बीच जांच किट को लेकर मंत्रणा और जवाबदेही पर चर्चा रही। सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से कहा गया कि डेंगू मरीज का कार्ड टैस्ट होने के बाद एलाइजा जांच के लिए भेजने पर उसकी रिपोर्ट नहीं आ रही है। वहीं माइक्रोबायोलॉजी लैब से कहा गया कि सेंट्रल लैब में किट मौजूद हैं, तब तक जांच वहां से कराई जा सकती है। लैब इंचार्ज की ओर से यह भी बताया गया कि किट खत्म होने से 14 दिन पहले ही मांग पत्र पुणे लैब को भेज दिया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस बात पर नाराजगी जताई कि लैब में जांच किट नहीं होने की सूचना उच्चाधिकारियों को क्यों नहीं दी गई।
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सेंट्रल लैब में 300 किट मौजूद
एसटीएच के सेंट्रल लैब से मिली जानकारी के अनुसार यहां डेंगू की एलाइजा टैस्ट के लिए 300 किट मौजूद हैं। यहां डेंगू एलाइजा टैस्ट की जांच का खर्च करीब 690 रुपये है। बाजार में पैथोलॉजी सेंटरों में यह जांच 950 से 1000 रुपये के बीच है। इधर एसटीएच के मेडिसिन विभाग में अभी भी डेंगू के तीन मरीज भर्ती हैं। वहीं बाल रोग विभाग में चार बच्चे भी भर्ती हैं, जिनकी एलाइजा जांच होनी है। इसके अलावा ओपीडी में भी आठ से 10 डेंगू के संदिग्ध मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। कार्ड टैस्ट में रिपोर्ट पॉजीटिव भी आ रही है।
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- माइक्रोबायोलॉजी समेत सभी विभागों को कहा गया है कि भविष्य में अगर किसी आवश्यक उपकरण की कमी होती है तो उच्चाधिकारियों को तुरंत सूचना दें। फिलहाल जो मरीज आएंगे उन्हें रियायती दरों पर या निशुल्क जांच व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी। - प्रो. अरुण जोशी, एमएस, एसटीएच
मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग को व्यवस्था बनाने और जल्द किट की व्यवस्था करने को कहा गया है। दो-चार दिन के भीतर किट उपलब्ध हो जाएगी। प्रो. अजय आर्या, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी।