सरकारी काम का हाल: आदेश-फरमान सब बेकार, रामपुर रोड का चौड़ीकरण बना जंजाल, कोई बताएगा कब मिलेगा निजात
रामपुर रोड में सड़क के दोनों किनारे डेढ़ फीट खोद दिए गए हैं। दिन भर उड़ती धूल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दिक्कत खड़ी कर रही है। वहीं, पेड़ काटकर सड़क किनारे छोड़ दिए गए हैं। जो हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
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यातायात नगर से दिनेशपुर मदकोटा तक रामपुर रोड के चौड़ीकरण की योजना बनी तो लोगों को लगा कि परेशानी का सफर कम होगा और सुबह-शाम लगने वाले जाम से भी निजात मिल जाएगी। पर सिस्टम की लेटलतीफी और विभागों में समन्वय की कमी ने डेढ़ साल की इस योजना को पंचवर्षीय बना दिया है। सड़क के दोनों किनारे डेढ़ फीट खोद दिए गए हैं। दिन भर उड़ती धूल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दिक्कत खड़ी कर रही है तो वहीं रात के अंधेरे में हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
पेड़ काटकर सड़क किनारे छोड़ दिए गए हैं। पेड़ काटने के लिए ऊर्जा निगम हर रोज घंटों का शटडाउन ले रहा है। कई जगह पेयजल लाइन टूटी पड़ी है जिससे पानी बह रहा है और घरों में नल सूखे हैं। बीते दिनों डीएम ने निरीक्षण कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद तस्वीर नहीं बदली है। इससे लगता है कि अधिकारियों पर डीएम के निर्देश का भी कोई असर नहीं रह गया है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी, कभी भी हो सकता है हादसा
रामपुर रोड में ब्रिडकुल ने सड़क के दोनों किनारे आधा-आधा मीटर खोद दिए हैं। ये रोड सात मीटर चौड़ी है जिसमें बमुश्किल दो वाहन गुजर सकते हैं। गड्ढे खोदने के बाद वहां पर न तो रेत भरे कट्टे लगाए गए हैं। न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। रात में चलने वाले वाहन चालकों को यह तक पता नहीं चल पा रहा है कि सड़क के किनारे कहां-कहां खोदे गए हैं।
पेड़ कटाने में लापरवाही, घंटों कट रही है लाइट
विभागों में सामंजस्य की भारी कमी है। पेड़ काटने के नाम पर घंटे बिजली का शटडाउन लिया जा रहा है। वन निगम पेड़ काटने के लिए टीम नहीं बढ़ा रहा है। इस कारण एक दिन में मात्र तीन से पांच पेड़ ही कट पा रहे हैं। उधर इनकी लकड़ी को सड़क किनारे छोड़ दिया जा रहा है। दो या तीन दिन में इन्हें उठाया जा रहा है। वन निगम के अधिकारियों की लापरवाही आम जनता को भुगतनी पड़ रही है। रामपुर रोड के व्यवसाईयों को भी बिजली कटौती से नुकसान हो रहा है। फ्रिज में रखा दूध फट जा रहा है। कोल्ड डि्रंक ठंडी नहीं हो पा रही है।
जलसंस्थान भी बजट पर कुंडली मारे बैठा रहा
यातायात नगर से बेलबाबा तक पानी की लाइन शिफ्टिंग के लिए ब्रिडकुल एक साल पहले जलसंस्थान को 2.17 करोड़ रुपये दे चुका है। इसके बाद भी जल संस्थान ने दो महीनेे पूर्व ही पेयजल लाइन बिछाने का काम किया। अभी तक इस नई लाइनों से लोगों को पेयजल कनेक्शन नहीं दिए हैं। इस कारण सड़क चौड़ीकरण में लोगों की पेयजल लाइनें टूट रही हैं। लोगों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की पेयजल लाइनें 15-15 दिन से टूटी पड़ी हैं।
सड़क किनारे पड़े हैं गिल्टे
वन विभाग की ओर से रामपुर रोड पर कई पेड़ काटे गए हैं लेकिन विभाग इन्हें उठाने की जहमत तक नहीं कर रहा है। रात के समय यह हादसे का कारण बन सकते हैं। समाज कल्याण निदेशालय की ओर जाने वाले मार्ग के पास ही पेड़ के कटे गिल्टे पड़े हैं। यही हाल एसटीएच के पास भी है।
17 तक शटडाउन लिया
टीपीनगर से फूलचौड़, फुटकुआं के अंतर्गत वन विभाग की ओर से खतरनाक पेड़ों को काटने के दौरान बिजली विभाग ने नौ अक्तूबर से शटडाउन शुरु किया था जो 17 अक्तूबर तक चलेगा। इसका खामियाजा भी जनता को झेलना पड़ रहा है।
इधर, ठेकेदार की लापरवाही ग्रामीणों पर पड़ रही भारी
ग्राम सभा छोटी हल्द्वानी में पेयजल लाइन बिछाई जाने वाले ठेकेदार की लापरवाही कभी किसी ग्रामीण की जान पर भारी पड़ सकती है। विभाग ठेकेदार की इस लापरवाही पर ध्यान नहीं दे रहा है। छोटी हल्द्वानी गांव में जल संस्थान की ओर से पेयजल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत 161 लाख से पूरी ग्राम सभा में पांच किलोमीटर लाइन बिछाई जानी है जिससे गांव के 193 परिवार लाभान्वित होंगे।
इस कार्य को कर रहे ठेकेदार ने गांव की सड़क को खोदकर पेयजल लाइन डालकर मिट्टी से ढक दिया गया है। अब उस मिट्टी से उठ रही धूल से ग्रामीणों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। सड़क से उठ रही धूल से लोगों को बीमार करने के साथ घरों को भी बदसूरत कर रही है। ठेकेदार की ओर से लाइन बिछाने के दौरान लोनिवि की सड़क को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया है लेकिन संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इधर जल संस्थान के खगेंद्र जोशी का कहना है कि गांव में जहां भी यह समस्या बनी हुई है उसे ठेकेदार से ठीक करने को कहा जाएगा।
ये हैं जिम्मेदार, अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं-
वन निगम के डीएलएम पंकज शर्मा से जब पेड़ कितने काटे जाने हैं इस बारे में पता किया तो बोले धर्मकांटे के पास पांच पेड़ और काटे जाने हैं। उधर वन निगम की टीम पंचायत घर के आसपास पेड़ काटते दिखाई दी। सुशीला तिवारी अस्पताल की तरफ भी खतरनाक श्रेणी के 65 पेड़ हैं जिनको काटने का काम शुरू किया गया है। यह काम दस दिन में पूरा करने का लक्ष्य हैं।
विद्युत विभाग ने अभी तक बिजली की लाइन शिफ्ट करना शुरू नहीं किया है। हालांकि विभाग ने कई जगह पोल खड़े कर दिए हैं। लेकिन इसमें तार नहीं खींचे गए हैं। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता डीडी पांगती ने कहा कि जब तक पेड़ नहीं काटे जाएंगे तब तक बिजली की लाइन शिफ्ट नहीं हो सकती है।
सड़कें खोदी, सुरक्षा मानकों का हो रहा है खुला उल्लंघन
ब्रिडकुल के परियोजना प्रबंधक आकाशदीप भट्ट जिन पर पूरे परियोजना की जिम्मेदारी है। अपनी जिम्मेदारी अच्छे से नहीं निभा रहे हैं। सड़क जहां-तहां खोदी गई हैं। सुरक्षा मानकों का उल्लघंन हो रहा है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। किसी की जान तक जा सकती है। प्रबंधक दावा कर रहे हैं कि सुरक्षा मानक पूरे हैं। 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है जबकि स्थिति इसके उलट है।
रामपुर रोड एक नजर
- 21 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण के लिए जनवरी 2021 में 58.70 करोड़ रुपया मिला।
- मार्च 2022 से रामपुर रोड सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ।
- 14 सितंबर 2023 तक सड़क का काम पूरा होना था।
- वनभूमि हस्तांतरण नहीं होने पर इसकी समय सीमा दिसंबर 2023 तक बढ़ा दी है।
- निर्माण से पूर्व सड़क की चौड़ाई सात मीटर थी।
- डेढ़-डेढ़ मीटर दोनों ओर कुल तीन मीटर सड़क चौड़ी होनी है। इसके बाद सड़क की चौड़ाई 10 मीटर हो जाएगी।
- पोल शिफ्टिंग के लिए विद्युत विभाग को 69.39 लाख रुपये दिए गए।
- ब्रिडकुल ने आठ महीने पहले बिजली विभाग को पोल शिफ्टिंग के लिए 69.39 लाख रुपये दिए थे। जिसमें करीब 30 पोल शिफ्ट होने थे।