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हड़ताल से मरीजों की आफत
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हल्द्वानी। उपनल कर्मियों की हड़ताल से सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीज परेशान रहे। ओपीडी में आने वाले मरीजों को जांच के लिए धक्के खाने पड़े। पैथोलॉजी में ताला पड़ा होने के कारण मरीज दर-दर भटकते रहे। लगभग तीन सौ मरीज बिना पैथोलॉजी जांच के लौट गए।
उपनल कर्मियों ने मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल का एलान किया था। उपनल कर्मी सुबह से ही एसटीएच परसिर में बैठ गए और प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगने लगी। एसटीएच की ओपीडी में सोमवार को 14 विभागों में 1032 मरीज ओपीडी में आए। सबसे अधिक मेडिसिन विभाग में 193 मरीजों ने परामर्श लिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि हड़ताल से निपटने के लिए पहले से ही कार्ययोजना तैयार कर कर्मियों की ड्यूटी लगा दी थी।
दो से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी
हल्द्वानी। नियमितीकरण और समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर उपनल कर्मी एक दिवसीय कार्यबहिष्कार और हड़ताल पर रहे। कर्मियों ने एसटीएच परिसर में प्रदर्शन कर राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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उपनल कर्मचारी समिति के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पीएस बोरा ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादे से मुकर रही है। चार महीने पहले उपनल कर्मियों ने हड़ताल की थी। राज्य सरकार के दो मंत्रियों ने धरनास्थल पर आकर आश्वासन दिया था कि मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। अब तक कई समितियां बनी और रिपोर्ट तैयार होने के बाद भी उपनल कर्मियों के पक्ष में कोई निर्णय नहीं लिया गया। देहरादनू एवं श्रीनगर में कार्यरत संविदा एवं अन्य स्थायी कर्मियों के नियमितीकरण की कार्रवाई करते हुए शासन ने आदेश निकाल दिया है। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो दो सितंबर 2019 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान मोहन रावत, सुशील कुमार, खेमराज साहू, मीना गुप्ता, रेनू बोहरा, भगवान सिंह कैड़ा, मनीष तिवारी आदि थे।
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उपनल कर्मियों ने मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल का एलान किया था। उपनल कर्मी सुबह से ही एसटीएच परसिर में बैठ गए और प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगने लगी। एसटीएच की ओपीडी में सोमवार को 14 विभागों में 1032 मरीज ओपीडी में आए। सबसे अधिक मेडिसिन विभाग में 193 मरीजों ने परामर्श लिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि हड़ताल से निपटने के लिए पहले से ही कार्ययोजना तैयार कर कर्मियों की ड्यूटी लगा दी थी।
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दो से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी
हल्द्वानी। नियमितीकरण और समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर उपनल कर्मी एक दिवसीय कार्यबहिष्कार और हड़ताल पर रहे। कर्मियों ने एसटीएच परिसर में प्रदर्शन कर राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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उपनल कर्मचारी समिति के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पीएस बोरा ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादे से मुकर रही है। चार महीने पहले उपनल कर्मियों ने हड़ताल की थी। राज्य सरकार के दो मंत्रियों ने धरनास्थल पर आकर आश्वासन दिया था कि मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। अब तक कई समितियां बनी और रिपोर्ट तैयार होने के बाद भी उपनल कर्मियों के पक्ष में कोई निर्णय नहीं लिया गया। देहरादनू एवं श्रीनगर में कार्यरत संविदा एवं अन्य स्थायी कर्मियों के नियमितीकरण की कार्रवाई करते हुए शासन ने आदेश निकाल दिया है। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो दो सितंबर 2019 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान मोहन रावत, सुशील कुमार, खेमराज साहू, मीना गुप्ता, रेनू बोहरा, भगवान सिंह कैड़ा, मनीष तिवारी आदि थे।